बूस्टर डोज लगाने की योजना लाए सरकार, ओमिक्रोन की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारी जरूरी

बूस्टर डोज लगाने की योजना लाए सरकार, ओमिक्रोन की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारी जरूरी

नई दिल्ली,  लोकसभा में सदस्यों ने मंगलवार को केंद्र सरकार को सजग करते हुए कहा कि उसे ओमिक्रोन वैरिएंट की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। सदस्यों ने सरकार से बूस्टर डोज लगाने की योजना भी सामने लाने को कहा।

लोकसभा में यह मामला उठाते हुए कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि देश में कोरोना के 41 मामले (अब 52) आ चुके हैं और सरकार को इस लिहाज से सजग रहना चाहिए और हर तरह की तैयारी रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप के देशों में बच्चों के लिए टीकाकरण चालू हो गया है और सरकार को हमारे देश में भी बच्चों और किशोरों को टीका लगाने के बारे में नए सिरे से सोचना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने तुरंत बूस्टर डोज दिए जाने की मांग की।

2,410 डोज की वैधता इस महीने तक

राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने बताया कि इस वर्ष नौ दिसंबर तक की स्थिति के अनुसार देश में कोरोना टीकों की 2,410 डोज की समाप्ति तिथि (एक्सपायरी की तारीख) दिसंबर, 2021 है।

कोविशील्ड की उत्पादन क्षमता 25 से 27.5 करोड़ डोज प्रति माह

पवार ने यह भी बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया द्वारा निर्मित कोरोना रोधी टीका कोविशील्ड की मौजूदा उत्पादन क्षमता करीब 25 से 27.5 करोड़ डोज प्रति माह है जबकि भारत बायोटेक के टीके कोवैक्सीन की उत्पादन क्षमता प्रति माह पांच से छह करोड़ डोज है। दोनों कंपनियों ने मौजूदा उत्पादन क्षमता का लगभग 90 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।

आयुष्मान योजना के तहत 80 हजार से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्र खुले

प्रवार ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश भर में कुल 80,701 स्वास्थ्य एवं ‘वेलनेस’ केंद्र स्थापित किए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना देश में 14 अप्रैल, 2018 को शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि आठ दिसंबर की स्थिति के अनुसार इनमें से 54,618 उप स्वास्थ्य केंद्र (एसएचसी), 21,898 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और 4,155 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) शामिल हैं।

नेपाल, बांग्लादेश समेत चार देशों को भारत ने 17 टन आक्सीजन दी

स्वास्थ्य राज्य मंत्री पवार ने उच्च सदन को बताया कि मलावी, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान को अक्टूबर 2020 से फरवरी 2021 के बीच तीन टन से कम आक्सीजन मानवीय सहायता के तौर पर मुहैया कराई गई जबकि इस साल जून में इन देशों को 17 टन आक्सीजन दी गई।

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