भारत में मोबाइल नंबर 10 अंको का होता है। इसमें ना एक नंबर ज्यादा होता और ना ही एक नंबर कम होता है। जबकि दुनिया के बाकी मुल्कों जैसे चीन में मोबाइल नंबर 11 अंकों का होता है। आखिर ऐसा क्यों? आइए जानते हैं कि आखिर किस तरह के से मोबाइल नंबर सेट किए जाते हैं और क्या है इनका पूरा प्रोसेस-
आपके मोबाइल नंबर में होते हैं खास कोड
मोबाइल नंबर के सभी अंकों का अपना मतलब होता है। ऐसे ही मोबाइल नंबर किसी को नहीं बांट दिया जाता है। इसका प्रोसेस तीन चरणों का है। 10 अंकों का मोबाइल नंबर तीन हिस्सों में बंटा होता है। पहली दो डिजिट को “एक्सेस कोड (AC) कहा जाता है। इसके बाद की तीन डिजिट कोड को प्रोवाइडर कोड (PC) कहा जाता है। जबकि आखिरी की 5 डिजिट सब्सक्राइबर्स कोड (SC) होती है।
99-123-45678
AC = 99
PC = 123
SC = 45678
मोबाइल नंबर के 10 अंक होने की वजह
दरअसल मोबाइल नंबर के 10 अंकों के होने के पीछे की वजह जनसंख्या है। दरअसल मोबाइल नंबर में 10 अंक होने की वजह से करीब 1000 करोड़ यूनीक मोबाइल नंबर तैयार किए जा सकते हैं, जो कि हमारे देश की 1 अरब 36 करोड़ आबादी के लिए पर्याप्त है। लेकिन मौजूदा वक्त में लोग एक से ज्यादा मोबाइल नंबर रखते हैं साथ ही देश की आबादी में इजाफा हो रहा है। ऐसे में पिछले कुछ वर्षों में नए मोबाइल नंबर की जरूरत होगी। यही वजह है कई मौकों पर मोबाइल नंबर को 12 या फिर 13 डिजट का करने का प्रस्ताव रखा गया है।
चीन में 11 डिजिट के मोबाइल नंबर क्यों?
चीन में मोबाइल नंबर से पहले अतिरिक्त सिटी कोड 0 डॉयल करना होता होता है, जो कि कंट्री कोड (+86) से अलग होता है। यही वजह है कि चीन में 11 अंकों का मोबाइल नंबर होता है। चीन की तरह यूके में भी एरिया कोड की वजह से 11 अंकों का मोबाइल नंबर होता है।




