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अनंतनाग, 12 दिसंबर 2021

गुरुग्राम में ‘खुले में नमाज’ को लेकर चल रहे बवाल पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) के बयान पर नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने प्रतिक्रिया दी है. उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि एक धर्म को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है. दरअसल सीएम खट्टर ने एक दिन पहले साफ शब्दों में कहा है कि खुले में नमाज नहीं होनी चाहिए. गुरुग्राम में अब सार्वजनिक जगहों पर नमाज नहीं होगी. इसके लिए आदेश पहले ही आ चुके हैं. इसे लेकर 3 महीने से दो पक्षों में विवाद चल रहा था.

इस पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है- अच्छा होता कि ये प्रतिबंध सभी धर्मों पर लगाया गया होता. लेकिन ‘पिक एंड चूज़’ (Pick and Choose) की नीति बताती है कि निशाने पर सिर्फ एक धर्म है. हमारे देश में पूरी स्वतंत्रता के साथ सभी धर्मों का पालन करने की छूट है. जम्मू-कश्मीर एक सेकुलर भारत में मिला था न कि अब के हालात वाले भारत में.

क्या बोले खट्टर
खट्टर ने कहा था- कोई अगर अपनी जगह पर नमाज पढ़ता है, पाठ पढ़ता है उसमें हमें कोई दिक्‍कत नहीं है. खुले में ऐसे कार्यक्रम नहीं होने चाहिए. नमाज पढ़ने की यह प्रथा जो खुले में हुई है, यह बिल्कुल भी सहन नहीं की जाएगी. सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हमने जिन 37 स्थानों को खुले में नमाज के लिए चिन्हित किया था उन तमाम स्थानों की परमिशन को रद्द कर दिया गया है. नमाज को लेकर तनाव नहीं होने दिया जाएगा.

2018 में शुरू हुआ था खुले में नमाज का विरोध
गुरुग्राम में सबसे पहले खुले में नमाज का 2018 में विरोध शुरू हुआ था, जो कुछ समय के लिए तो शांत हुआ, लेकिन अब फिर से खुले में नमाज का विरोध शुरू हो गया. सीएम खट्टर की माने तो खुले में नमाज को लेकर कहा की नमाज़ या कोई भी पूजा धार्मिक स्थानों में ही कि जानी चाहिए. सीएम खट्टर ने जिला प्रशासन को आदेश दिए कि मुस्लिम काउंसिल के साथ बैठ वक्फ बोर्ड की जमीनों पर नमाज़ पढ़ी जाए, ऐसी व्यवस्था करने की कोशिश करें.

गौरतलब है कि 2018 में खुले में नमाज़ के विरोध के बाद जिला प्रशासन ने दोनों पक्षो को सहमति के बाद 37 स्थानों पर खुले में नमाज़ की सहमति की थी, जिन्हें अब मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद वापस ले लिया गया है.