देहरादून, 2 दिसंबर 2021

राज्य स्थापना के 21वें साल में प्रवेश कर चुका उत्तराखंड इस बार सबसे युवा सीएम की अगुवाई में विधानसभा चुनाव का सामना करने जा रहा है। मौजूदा सीएम पुष्कर सिंह धामी 45 साल की उम्र में चुनावी मोर्चा संभालेंगे। एक नवंबर को जारी वोटर लिस्ट के अनुसार, उत्तराखंड में 18 से 29 साल के युवाओं की संख्या 17.79 लाख है, जो कुल मतदाता संख्या का करीब 22% है।

इसके साथ 30 से 39 साल के युवा मतदाताओं की संख्या 21.81 लाख है, जो कुल मतदाता संख्या की 28% बैठती है। इस तरह उत्तराखंड में युवा मतदाताओं की संख्या करीब 50 प्रतिशत बैठती है। लेकिन, युवा मतदाताओं के दबदबे वाले उत्तराखंड में अब तक धामी और रमेश पोखरियाल निशंक 50 की उम्र पूरी करने से पहले सीएम बन पाए। त्रिवेंद्र रावत और तीरथ रावत साठ साल की आयु सीमा पूरी करने से पहले सीएम बने।

45 साल की आयु  में सीएम बने धामी
मौजूदा सीएम पुष्कर सिंह धामी सबसे कम 45 साल नौ माह और 18 दिन की उम्र में इस पद पर पहुंचने में कामयाब हुए। जबकि, पहली निर्वाचित विधानसभा में सीएम बने एनडी तिवारी सबसे बुजुर्ग सीएम साबित हुए। दो मार्च 2002 को उत्तराखंड में सीएम पद की शपथ लेने के दिन एनडी 76 साल चार महीने 15 दिन की उम्र पूरी कर चुके थे। दूसरे सबसे बुजुर्ग पहली अंतरिम सरकार के सीएम नित्यानंद स्वामी थे, जो 73 साल चार माह की उम्र में सीएम बने।

अब तक के सीएम
नित्यानंद स्वामी    73 साल
भगत सिंह कोश्यारी    59 साल
एनडी तिवारी    76 साल
भुवन चंद्र खंडूड़ी    72 साल
रमेश पोखरियाल निशंक    49 साल
विजय बहुगुणा    65 साल
हरीश रावत    65 साल
त्रिवेंद्र रावत    56 साल
तीरथ सिंह रावत    56 साल
पुष्कर सिंह धामी    45 साल

पूर्व सीएम की सूची में तीरथ का नाम नहीं
सीएम कार्यालय की आधिकारिक साइट https://cm.uk.gov.in में पूर्व मुख्यमंत्रियों की सूची में तीरथ सिंह रावत का नाम शामिल नहीं है। बुधवार एक दिसंबर तक इस साइट पर इस सूची में नित्यानंद स्वामी से लेकर त्रिवेंद्र सिंह रावत तक का ही नाम शामिल था। जबकि, इसी साल 10 मार्च से चार जुलाई तक तीरथ सिंह रावत सीएम रहे। यह वेबसाइट अंतिम बार नौ सितंबर को अपडेट हुई थी।