देहरादून। उत्तराखंड में किसानों और महिलाओं की आर्थिकी मजबूत करने को व्यावसायिक खेती पर जोर दिया जा रहा है। उत्तराखंड जन विकास सहकारी समिति ने मशरूम, मसाले और औषधीय पादपों की खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया और खेती में हर प्रकार से सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
समिति की ओर से रविवार को आनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और प्रदेश के किसानों को व्यावसायिक खेती के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तराखंड जन विकास सहकारी समिति के महासचिव जगदीश भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की उपजाऊ भूमि में अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ व्यावसायिक खेती भी करनी होगी। ताकि किसानों को उनके उत्पाद का अधिक मूल्य मिल सके और उस उत्पाद को अधिक से अधिक व्यक्तियों तक पहुंचाया जा सके। व्यावसायिक खेती के रूप में उत्तराखंड के पास अपार संभावनाएं हैं।
अब पारंपरिक खेती के साथ व्यावसायिक खेती को ज्यादा महत्व देना होगा। जिससे गेहूं, चावल, दाल व हरी सब्जी के अलावा मशरूम एवं मसालों की खेती कर निर्धारित भूमि में ही अधिक लाभ ले सके। मसालों की बात करें तो उत्तराखंड में हल्दी, धनिया, अदरक, बड़ी इलायची, काला जीरा, तेजपत्ता व वन तुलसी का उत्पादन हो रहा है। इन सभी उत्पादों की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी कीमत मिल जाती है।
उत्तराखंड के स्टार्टअप और इनोवेटर एंटरप्रेन्योर्स को कोई भी मदद चाहिए हो तो उत्तराखंड जन विकास सहकारी समिति उनकी आवश्यकता पूरी करेगी। यदि किसी किसान को अपने उत्पाद को रखने के लिए वेयरहाउस की दिक्कतें हों या फिर कोल्ड स्टोरेज की सुविधा मुहैया कराना हो समिति अपने नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश के हर जिले में वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज की समस्याओं को दूर करेगा।



