सैफई में शिवपाल सिंह यादव का अखिलेश यादव को अल्टीमेटम, गठबंधन को लेकर कह दी बड़ी बात

सैफई में शिवपाल सिंह यादव का अखिलेश यादव को अल्टीमेटम, गठबंधन को लेकर कह दी बड़ी बात

इटावा, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के चंदगीराम स्टेडियम में जन्मदिन के मौके पर प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने दंगल को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को एक हफ्ते के अंदर गठबंधन या विलय का फैसला ले लेना चाहिए। वे गठबंधन या विलय करने को तैयार हैं। अगर एक हफ्ते के अंदर ऐसा नहीं होता है तो फिर वे लखनऊ में सम्मेलन करके अपने लोगों से राय लेकर फैसला लेंगे।

शिवपाल ने कहा कि हम अपने समर्थकों के लिए 100 सीटें चाहते थे लेकिन हम अब पीछे हट गए। हम ही झुक गए, आज दो साल हो गए यह बात कहे हुए लेकिन कोई बात अभी तक फाइनल नहीं हुई। उन्होंने पूर्व सांसद तेज प्रताप सिंह यादव व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव के लिए भी कहा कि उनको यहां पर दंगल में आना चाहिए था लेकिन वे नहीं आए। अंशुल यादव को हराने के लिए जिला पंचायत चुनाव में कितनी ताकतें लगी थीं, लेकिन हमारे दम पर ही अंशुल यादव निर्विरोध हो गए। हमने हमेशा त्याग किया, हम चाहते तो वर्ष 2003 में मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन मैंने नेताजी को दिल्ली से बुलाकर मुख्यमंत्री बनवाया था। दूसरी पार्टियों के 40 विधायक इकट्ठा किए थे, उस समय 25 विधायक भाजपा के भी हमारे साथ थे। अजीत सिंह, कल्याण सिंह हमारे साथ थे। हम मुख्यमंत्री बन सकते थे।

शिवपाल यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि जब मायावती मुख्यमंत्री थी और हमारे लोगों पर अत्याचार हो रहा था, हम नेता विपक्ष थे, हमने उनका कितना विरोध किया था और कई आंदोलन किए थे, हमारे व कार्यकर्ताओं के संघर्ष के कारण वर्ष 2012 की सरकार बनी थी। हम चाहते हैं फिर से सरकार बने और दो साल से कोशिश कर रहे हैं। हमने यह भी कहा कि हमारे जो जिताऊ लोग हैं उनका सर्वे कराकर चाहे तो गठबंधन कर लो चाहे विलय कर लो। लेकिन अब बहुत देर हो रही है। पहले लोग हमारे दल को छोटा दल कहते थे, लेकिन जब से हमारा मथुरा से रथ निकला है तब से कहने वालों को पता लग गया है कि हमारा छोटा दल नहीं है। हमारी प्राथमिकता पर आज भी समाजवादी पार्टी है। आज के दिन लोगों को काफी उम्मीदें थीं लेकिन वह पूरी नहीं हुईं। अब जो बात हो वह जल्दी फाइनल हो जाए। उन्होंने कहा कि इस समय देश की हालत ठीक नहीं है। भाजपा की सरकार में किसान, मजदूर, नौजवान, बुनकर सब परेशान हैं। महंगाई चरम पर है। अगर हमारे हाथ में ताकत आई तो हर परिवार में एक बेटा या बेटी को सरकारी नौकरी मिलेगी। किसानों को खाद की कमी नहीं होगी।

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