देहरादून, 21 सितम्बर 2021

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 (Uttarakhand Assembly Election 2022) को लेकर सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है. उत्तराखंड की सियासी पिच पर अभी तक भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा चुनावी घमासान होता रहा है, लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी की ओर से की जाने वाली तमाम घोषणाओं ने यहां का माहौल गर्माना शुरू किया है. इसका असर ये है कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मीडिया सलाहकार रहे रमेश भट्ट ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को उनकी ही घोषणाओं पर चुनौती दे दी है. उन्होंने कहा है कि वह अरविंद केजरीवाल का साक्षात्कार कर यह जानना चाहते हैं कि जनता को फ्री सुविधाएं देने के पीछे केजरीवाल का इकोनॉमिक प्लान क्या है?

रमेश भट्ट पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के मीडिया सलाहकार रहे हैं. हाल ही में आप की ओर से उत्तराखंड में चुनाव के पहले कई वादे कर जनता को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. इसी को लेकर रमेश भट्ट ने दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को खुला पत्र भेजकर चुनौती दी है. उन्होंने केजरीवाल से साक्षात्कार के लिए समय देने का आग्रह किया है.

एक खबर के मुताबिक भट्ट ने केजरीवाल को भेजे पत्र में लिखा कि आपने उत्तराखंड के युवाओं के लिए कई घोषणाओं के साथ तमाम चुनावी वादे किए हैं. रमेश भट्ट ने लिखा- राज्य का निवासी होने के नाते मैं जानना चाहता हूं कि उत्तराखंड के लिए केजरीवाल का इकोनॉमिक प्लान क्या है? अपनी घोषणाओं को पूरा करने के लिए वे बजट की व्यवस्था कहां से करेंगे? एक आम उत्तराखंडी होने के नाते यह जानना मेरा हक है कि प्रदेश से किए जा रहे वादों के बारे में जानकारी लूं.

उन्होंने कहा कि केजरीवाल समय और स्थान तय करें ताकि मैं इन वादों पर उनका साक्षात्कार कर सकूं. आप की ओर से फिलहाल इस पत्र पर कोई जवाब तो नहीं आया है, लेकिन इसना तो तय है कि आम आदमी पार्टी की ओर से किए जाने वाले वादे यहां के जमे जमाए नेताओं को परेशान करने लगे हैं.