हिमाचल प्रदेश: 1 फेज में होगा चुनाव, 12 नवंबर को होगी वोटिंग, 8 दिसंबर को आएंगे नतीजे

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में एक फेज में चुनाव होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में 12 नवंबर को वोटिंग होगी। 8 दिसंबर को मतगणना होगी और इसी दिन नतीजे आएंगे। राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नामांकन तक नए वोटर वोटर लिस्ट से जुड़ सकते हैं। 80 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं को घर पर रहकर वोट देने की सुविधा दी जाएगी। चुनाव आयोग द्वारा इसके लिए व्यवस्था की जाएगी। 

कुछ पोलिंग बूथ महिालाओं द्वारा संचालित होंगे। चुनाव कोविड प्रोटोकॉल के तहत होगा। हिमाचल प्रदेश में 80 साल से अधिक उम्र के वोटर की संख्या 1.2 लाख है। 1.8 लाख वोटर पहली बार मतदान करेंगे। चुनाव के दौरान सारी सीमाएं सील होंगी। शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक बैंक के कैश वैन भी नहीं चलेंगे। 55 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। 

हिमाचल प्रदेश चुनाव का कार्यक्रम

  • नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख- 17 अक्टूबर 2022
  • नॉमिनेशन फाइल करने की आखिरी तारीख- 25 अक्टूबर
  • स्क्रूटनी की तारीख- 27 अक्टूबर
  • नाम वापस लेने की आखिरी तारीख-29 अक्टूबर
  • मतदान- 12 नवंबर
  • मतगणना- 8 दिसंबर

8 जनवरी 2023 को समाप्त हो रहा है कार्यकाल
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 8 जनवरी 2023 को समाप्त हो रहा है। यहां  2017 में पिछला विधानसभा चुनाव हुआ था। हिमाचल प्रदेश में 68 सीटों के लिए चुनाव होगा। इस समय यहां भाजपा की सरकार है। दुबारा सरकार बनाने के लिए भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लगातार दौरे कर रहे हैं। 

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017

  • विधानसभा सीटों की संख्या- 68
  • सत्ताधारी पार्टी- भाजपा
  • सरकार का कार्यकाल खत्म होगा- 8 जनवरी 2023 
  • वोटिंग- एक चरण 
  • नतीजे- भाजपा-44, कांग्रेस-21, सीपीआई (मार्क्सवादी) 1 और निर्दलीय-2
  • मतदाता- 53 लाख 76 हजार 77 
  • 2017 में वोटिंग- 75.28%

ये है हिमाचल प्रदेश विधानसभा का गणित
हिमाचल प्रदेश में भाजपा सरकार है। इसका कार्यकाल 8 जनवरी 2023 को खत्म हो रहा है। यहां कुल 68 सीटें हैं। अगर पिछले विधानसभा की बात करें, तो तब एक फेज में 9 नवंबर को वोटिंग हुई थी। तब भाजपा ने 44 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 21 सीटें मिली थीं। 2 सीटों पर निर्दलीय और एक सीट पर सीपीआइ (मार्क्सवादी) जीती थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में 75.28 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। यहां 2021 में 3 सीटों के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को एक पर भी जीत नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इसके पीछे महंगाई बड़ी वजह बताते हैं। हालांकि मोदी यहां लगातार दौरे करके माहौल बनाने में लगे हैं।

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