सलाखों के पीछे भेजे जा सकते हैं पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, सेना से पंगा लेना पड़ रहा महंगा

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में प्रधानमंत्री की कुर्सी पर कोई भी बैठे यह सच्चाई किसी से छिपी नहीं कि असली सत्ता सेना के हाथ में होती है। अगर किसी ने सेना की ताकत को चुनौती देने की हिम्मत की तो उसे इसकी सजा भुगतनी होती है। पीएम की कुर्सी से हटाए जाने के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने सेना के खिलाफ खूब बयानबाजी की थी। सेना से पंगा लेना अब उन्हें महंगा पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार इमरान खान को देश की प्रमुख जांच एजेंसी फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) गिरफ्तार कर सकती है। एफआईए ने प्रतिबंधित फंडिंग मामले में इमरान खान को नोटिस भेजा था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। इसके चलते एजेंसी उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। द न्यूज के अनुसार एफआईए ने शुक्रवार को इमरान खान को दूसरा नोटिस जारी किया। खान को बुधवार को पहला नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने एफआईए की जांच टीम के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था। एफआईए सूत्रों के अनुसार तीसरा नोटिस भेजने के बाद इमरान खान को गिरफ्तार करने पर अंतिम फैसला हो सकता है।

चुनाव आयोग से छिपाई जानकारी
सूत्रों के हवाले से पाकिस्तानी मीडिया ने बताया है कि एफआईए ने इमरान खान की पार्टी पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) से जुड़ी ऐसी पांच कंपनियों के बारे में पता किया है जो अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और बेल्जियम में काम कर रहीं हैं। पाकिस्तान चुनाव आयोग को दिए गए रिपोर्ट में पार्टी की ओर से इन कंपनियों की जानकारी नहीं दी गई थी।

इमरान खान ने बुधवार को एफआईए से कहा कि वह दो दिन में प्रतिबंधित फंडिंग मामले भेजे गए अपने नोटिस को वापस ले नहीं तो कानूनी कार्रवाई करेंगे। इमरान खान ने एफआईए से कहा, “मैं आपको जवाब देने के लिए जवाबदेह नहीं हूं और न यह मेरे लिए जरूरी है कि आपको जानकारी दूं। अगर दो दिन में नोटिस वापस नहीं लिया गया तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा।”

भारतीय कारोबारी समेत 34 विदेशी नागरिकों से लिया पैसा
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एफआईए ने इमरान खान के खिलाफ पर्याप्त सबूत इकट्ठा कर लिया है। एजेंसी यह साबित कर सकती है कि इमरान खान चुनाव आयोग से जानकारी छिपाने के दोषी हैं। इमरान खान को तीसरा और अंतिम नोटिस अगले सप्ताह भेजा जा सकता है।

इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने कहा था कि खान की पार्टी ने भारतीय मूल की एक व्यवसायी सहित 34 विदेशी नागरिकों से नियमों के खिलाफ धन प्राप्त किया। ईसीपी की तीन सदस्यीय पीठ ने खान की पार्टी को विदेशी नागरिकों और विदेशी कंपनियों से प्रतिबंधित धन प्राप्त करने और इसे गुप्त रखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

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