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‘वो मां बनी, मेरा कोई संबंध नहीं’, अनुष्का यादव के बच्चे पर उठे सवालों के बीच फिर चर्चा में तेज प्रताप यादव, पूरी कहानी

‘वो मां बनी, मेरा कोई संबंध नहीं’, अनुष्का यादव के बच्चे पर उठे सवालों के बीच फिर चर्चा में तेज प्रताप यादव, पूरी कहानी

8 फरवरी 2026 को अनुष्का यादव द्वारा एक बच्ची को जन्म दिए जाने की खबर सामने आई। इसके बाद सोशल मीडिया पर अचानक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। दावा किया जाने लगा कि जिस बच्ची का जन्म हुआ है, उसका संबंध तेज प्रताप यादव से है। यह दावा किसी आधिकारिक बयान, कानूनी दस्तावेज़ या पुष्टि पर आधारित नहीं था, लेकिन सोशल मीडिया पर पुराने विवाद और तेज प्रताप यादव के बीते बयानों को जोड़ते हुए अटकलें तेज हो गईं। यहीं से यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया और निजी जीवन से निकलकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया।


बीते साल की एक पोस्ट, जिससे पहली बार जुड़ा था नाम

दरअसल, यह विवाद नया नहीं है। इसकी जड़ें पिछले साल तक जाती हैं, जब तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा किया था। पोस्ट में उन्होंने रिश्तों में धोखे, पीड़ा और मानसिक आघात जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। हालांकि उस समय किसी महिला का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन राजनीतिक और मीडिया हलकों में यह माना गया कि इशारा अनुष्का यादव की ओर है। उसी पोस्ट के बाद पहली बार तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव का नाम एक साथ सार्वजनिक चर्चा में आया।


मामला बढ़ा तो परिवार की छवि पर सवाल, लालू यादव का सख्त फैसला

जब यह विवाद तेज़ी से बढ़ने लगा और इसका असर लालू परिवार की सार्वजनिक छवि पर दिखने लगा, तब लालू प्रसाद यादव ने सख्त रुख अपनाया। पार्टी और पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, लालू यादव ने साफ संदेश दिया कि निजी विवाद पार्टी की राजनीति को प्रभावित नहीं करेगा। इसके बाद तेज प्रताप यादव को परिवार और पार्टी की मुख्य गतिविधियों से अलग कर दिया गया। यह फैसला सिर्फ राजनीतिक नहीं था, बल्कि इसे पारिवारिक अनुशासन से जोड़कर भी देखा गया।


निष्कासन के बाद तेज प्रताप यादव की बदली हुई राजनीतिक स्थिति

परिवार और पार्टी से दूरी के बाद तेज प्रताप यादव अचानक हाशिए पर नजर आने लगे। जो नेता कभी RJD के बड़े मंचों पर सक्रिय दिखता था, वह धीरे-धीरे पार्टी कार्यक्रमों से गायब हो गया। पार्टी के भीतर उनकी भूमिका सीमित होती चली गई। इसी दौरान RJD में तेजस्वी यादव की स्थिति और मजबूत होती गई, जबकि तेज प्रताप यादव की राजनीतिक सक्रियता लगातार कम होती दिखी।


कुछ समय शांत रहा विवाद, लेकिन अंदरखाने बना रहा तनाव

लालू यादव के फैसले के बाद कुछ महीनों तक यह विवाद सार्वजनिक तौर पर शांत रहा, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। तेज प्रताप यादव सोशल मीडिया के जरिए समय-समय पर भावनात्मक और संकेतात्मक पोस्ट करते रहे। इन पोस्टों से यह साफ था कि वे खुद को साजिश और अन्याय का शिकार मान रहे हैं। पार्टी और परिवार की ओर से चुप्पी बनी रही, जिससे विवाद को लेकर सवाल और गहरे होते चले गए।


बच्ची के जन्म के बाद तेज प्रताप यादव का खुला विरोध

अनुष्का यादव के बच्ची को जन्म देने के बाद जब तेज प्रताप यादव का नाम फिर जोड़ा जाने लगा, तो इस बार उन्होंने चुप रहने के बजाय सामने आकर जवाब दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अनुष्का यादव या उसके बच्चे से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर जानबूझकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके और मानसिक रूप से तोड़ा जा सके।


‘डिप्रेशन में धकेलने की कोशिश’—तेज प्रताप का गंभीर आरोप

तेज प्रताप यादव ने कहा कि लगातार फैल रही अफवाहों के कारण वे मानसिक दबाव में हैं। उनका दावा है कि उन्हें जानबूझकर डिप्रेशन का मरीज बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे सिर्फ बदनामी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश बताया, जिसका मकसद उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करना है।


कोर्ट जाने और सुरक्षा की मांग का ऐलान

तेज प्रताप यादव ने ऐलान किया कि वे अब इस मामले में कानूनी रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कोर्ट जाने और सुरक्षा की मांग करने की बात कही। उनका कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे प्रधानमंत्री से भी मिलेंगे। तेज प्रताप ने कुछ लोगों पर साजिश रचने और जान का खतरा होने तक के आरोप लगाए हैं।


चार लोगों पर सीधे आरोप, गृह मंत्री से मदद की मांग

तेज प्रताप यादव ने महुआ से RJD के पूर्व विधायक मुकेश रोशन समेत संजय यादव, शक्ति सिंह और सुनील सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ये लोग मिलकर उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उन्होंने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से मामले में हस्तक्षेप और सुरक्षा देने की अपील की है।


पार्टी और लालू परिवार की चुप्पी अब भी कायम

नए आरोपों और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भी RJD और लालू परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नेतृत्व अब भी इस पूरे विवाद को तेज प्रताप यादव का निजी मामला मानता है और इससे दूरी बनाए रखना चाहता है।


चुनावी राजनीति पर क्या पड़ा असर

इस विवाद का सीधा असर तेज प्रताप यादव की व्यक्तिगत राजनीति पर पड़ा है। उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है और पार्टी के भीतर उनकी भूमिका कमजोर हुई है। हालांकि RJD के कोर वोट बैंक पर इसका बड़ा असर नहीं दिखा, लेकिन विपक्ष को इस मुद्दे पर लालू परिवार और पार्टी पर सवाल उठाने का मौका जरूर मिला।


फिलहाल स्थिति क्या है

फिलहाल यह मामला आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है। तेज प्रताप यादव सभी दावों से इनकार कर चुके हैं और कानूनी कार्रवाई की बात कह रहे हैं। अनुष्का यादव की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। किसी भी दावे की कानूनी या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


ABP News विश्लेषण

तेज प्रताप यादव–अनुष्का यादव विवाद अब केवल एक निजी आरोप नहीं रह गया है। यह मामला परिवार से निष्कासन, राजनीतिक हाशिए, मानसिक दबाव और भविष्य की सियासत से जुड़ चुका है। जब तक जांच या कानूनी प्रक्रिया से सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक यह विवाद बिहार की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना रहेगा।

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