लालू परिवार की कलह गहराई: तेजस्वी,तेज प्रताप,रोहिणी विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ?

पटना: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में पिछले कुछ महीनों से जारी विवाद अब खुलकर सामने आ रहा है। तेज प्रताप यादव के व्यक्तिगत विवाद, रोहिणी आचार्य की नाराज़गी और तेजस्वी यादव पर लगाए गए आरोपों ने पूरे परिवार को सुर्खियों में ला दिया है। राजनीतिक गलियारों में इसे लालू परिवार की अब तक की सबसे बड़ी फूट के रूप में देखा जा रहा है।

तेज प्रताप यादव का विवाद और परिवार से दूरी
तेज प्रताप यादव ने कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर अपने 12 साल पुराने रिश्ते का खुलासा करते हुए दावा किया कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इस पोस्ट ने न सिर्फ पार्टी को बल्कि पूरे लालू परिवार को हिला दिया।इसके बाद स्थिति तब और बिगड़ गई जब लालू यादव ने कड़े कदम उठाते हुए तेज प्रताप को 6 साल के लिए RJD से निष्कासित कर दिया। निष्कासन के साथ तेज प्रताप को परिवार से भी दूरी बना लेने की सलाह दी गई। तेज प्रताप ने इसके बाद अपनी नई पार्टी “जनहित जनता दल” की घोषणा कर राजनीतिक रूप से अलग राह पकड़ ली।

रोहिणी आचार्य का गुस्सा, सोशल मीडिया पर विस्फोट
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने हाल ही में राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने की घोषणा कर दी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि— उन्हें अपमानित किया गया,किडनी दान करने के बावजूद उन्हें सम्मान नहीं मिला,परिवार के कुछ लोग उनके खिलाफ माहौल बना रहे हैं।रोहिणी ने तेज प्रताप के समर्थन में भी पोस्ट किया और तेजस्वी व उनके करीबी लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।

तेज प्रताप का रोहिणी के समर्थन में बयान
तेज प्रताप यादव ने खुले मंच से रोहिणी का समर्थन किया और कहा कि—जो भी हमारे परिवार पर हमला करेगा, मैं उसे बर्दाश्त नहीं करूंगा। तेज प्रताप ने तेजस्वी यादव और उनके करीबियों पर परिवार में फूट डालने का आरोप लगाया।

तेजस्वी यादव पर निशाना और RJD की अंदरूनी राजनीति
कई नेताओं ने तेजस्वी यादव के रवैये पर सवाल उठाए हैं। उन पर आरोप है कि वे—परिवार को जोड़ने के बजाय दूरी बढ़ा रहे हैं,वरिष्ठ नेताओं की बात नहीं सुनते,और आंतरिक झगड़ों को नजरअंदाज कर रहे हैं।इसी बीच RJD से जुड़े नेताओं ने इसे “परिवार का निजी मामला” कहकर टालने की कोशिश की है।

RJD की चुनावी रणनीति पर असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि—तेज प्रताप का बाहर जाना,रोहिणी की नाराज़गी,और तेजस्वी की बढ़ती आलोचना,राजद की चुनावी रणनीति को गहरा नुकसान पहुंचा सकती है।लालू यादव की छवि हमेशा एकजुट परिवार की रही है, लेकिन मौजूदा हालात ने इस छवि में दरार पैदा कर दी है।

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