Online bahis kullanıcılarının %54’ü haftada en az bir kez canlı bahis oynamaktadır; bu oran bahsegel giriş platformunda %63’tür.

Engellemelerden etkilenmemek için bettilt sık sık kontrol ediliyor.

Bahsegel güncel giriş bahsegel bettilt

OECD raporları, kullanıcıların %52’sinin “kayıp limiti” belirleyen platformları tercih ettiğini göstermektedir; paribahis bu özelliği destekler.

bahsegel giriş bettilt bahsegel bahsegel giriş bahsegel bahsegel giriş bahsegel bettiltguncel.com bettilturk-turk.click bettilt bettilt bahsegel bahsegel bettilt bahsegel giriş

रिहा हुए राजीव गांधी के हत्यारे, SC के आदेश पर नलिनी सहित 6 दोषियों को मिली कैद से मुक्ति

रिहा हुए राजीव गांधी के हत्यारे, SC के आदेश पर नलिनी सहित 6 दोषियों को मिली कैद से मुक्ति

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारे नलिनी समेत सभी 6 दोषियों को रिहा कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने फैसले में साफ कहा कि लंबे समय से राज्यपाल ने इस पर कदम नहीं उठाया,इसलिए अब वो उठा रही है। जिन लोगों को जेल से रिहा करने के आदेश हुए वे हैं-नलिनी, रविचंद्रन, मुरुगन, संथन, जयकुमार, और रॉबर्ट पॉयस। जबकि इससे पहले मई में सुप्रीम कोर्ट पेरारिवलन को पहले ही रिहा कर चुकी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को जेल में अच्छे चाल-चलन के चलते पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था। यह आदेश जस्टिस एल नागेश्वर की बेंच ने आर्टिकल 142 का इस्तेमाल करके दिया था। 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरमबुदुर में चुनावी अभियान के दौरान LTTE (Liberation Tigers of Tamil Eelam ) की आत्मघाती महिला हमलावर धनु ने राजीव गांधी की हत्या कर दी थी। 

कौन है राजीव गांधी हत्याकांड का दोषी पेरारिवलन?‌
राजीव गांधी के हत्याकांड से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई, 2022 को एक बड़ा फैसला सुनाया था। कोर्ट ने इस मामले में पिछले 31 साल से जेल में बंद एजी पेरारिवलन को रिहा कर दिया था। पेराविलन ने मानवीयता के आधार पर छोड़े जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी भी लगाई थी। 18 फरवरी 2014 को शीर्ष कोर्ट ने पेरारिवलन को दी गई मौत की सजा को उम्र कैद में बदल दिया था। 

मामला लंबित रखने पर सुप्रीम कोर्ट ने गवर्नर को फटकारा था
नवंबर, 2020 में राजीव गांधी हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के राज्यपाल से खासी नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दोषी ए जी पेरारिवलन की छूट की याचिका पर दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा कोई फैसला नहीं लेने पर राज्यपाल को फटकार लगाई थी। इस मामले में तमिलनाडु के एक एडवोकेट ने भी कहा है कि आखिर इस मामले में इतना समय लगना कैसे संभव है? 

नलिनी पर सोनिया गांधी ने रहम किया था
सुप्रीम कोर्ट ने सुबह सभी को रिहा करने का आदेश दिया था। कोर्ट का आदेश आने के एक घंटे बाद उम्रकैद की सजा काट रहे सभी दोषियों की जेल से रिहा कर दिया गया। नलिनी और रविचंद्रन दोनों 30 साल से ज्यादा जेल में गुजार चुके थे। जिस समय नलिनी को पकड़ा गया था, तब वो दो महीने की गर्भवती थी। यह जानकर सोनिया गांधी ने नलिनी को माफ कर दिया था। 

बता दें कि ट्रायल कोर्ट ने राजीव गांधी की हत्या की साजिश में शामिल 26 दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि मई 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने 19 आरोपियों को बरी कर दिया था। जबकि 4 आरोपियों (नलिनी, मुरुगन उर्फ श्रीहरन, संथन और पेरारिवलन) की मौत की सजा बरकरार रखी थी। जबकि रविचंद्रन, रॉबर्ट पायस और जयकुमार की मौत की सजा उम्रकैद में बदल दी थी। इन की दया याचिका पर तमिलनाडु के राज्यपाल ने नलिनी की मृत्युदंड को उम्रकैद में बदला था। लेकिन बाकी आरोपियों की दया याचिका 2011 में राष्ट्रपति ने ठुकरा दी थी।

Share post:

Popular

More like this
Related

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश बनेगा ‘ग्लोबल मैनपावर हब’

सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास...

प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर सवाल: एक बेटे की मौत, दूसरा कहां है?

Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के...

ममता बनर्जी ने भी किया CJP का समर्थन, अभिजीत दिपके के साथ कौन-कौन से दल?

CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे...