पिता थे कंडेक्टर, बेटी ने सहे लोगों के ताने, फिर बनीं गोल्डन गर्ल, देखें साक्षी मलिक का अबतक का संघर्ष

पिता थे कंडेक्टर, बेटी ने सहे लोगों के ताने, फिर बनीं गोल्डन गर्ल, देखें साक्षी मलिक का अबतक का संघर्ष

स्पोर्ट्स डेस्क : 15 अगस्त 2022 को भारत अपनी आजादी का के 75 साल पूरे कर लेगा। इस साल इसे आजादी का अमृत महोत्सव (Azadi ka Amrit Mahotsav) नाम दिया गया है। ऐसे में हम हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ मुकाम हासिल करने वाले लोगों के बारे में आपको बता रहे हैं तो चलिए आज Achievements@75 में हम आपको बताते हैं भारत की गोल्डन गर्ल साक्षी मलिक (Sakshi Malik) के बारे में। जिन्होंने हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 (commonwealth games) में गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

साक्षी मलिक कौन है 
साक्षी मलिक एक मशहूर भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान है। उनका जन्म 3 सितंबर 1992 को हरियाणा के मोखरा गांव के रोहतक जिले में हुआ था। उनके पिता सुखबीर मलिक दिल्ली ट्रांसपोर्ट में कंडक्टर का काम करते थे। वही मां सुदेश मलिक आंगनबाड़ी में काम किया करती थीं। हालांकि, साक्षी को बचपन से ही पहलवानी करने का शौक था, क्योंकि उनके दादाजी बध्लू राम भी एक पहलवान थे। ऐसे में उन्होंने 12 साल की उम्र से ही ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया। लेकिन इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जब साक्षी अखाड़े में कुश्ती किया करती थी तो लोग उन्हें देखकर कहते थे कि यह खेल लड़कियों का नहीं है। हालांकि, उनकी मां और पिता के सपोर्ट के चलते साक्षी ने आज इस मुकाम को हासिल किया।

 साक्षी मलिक की उपलब्धियां
– साक्षी मलिक ने भारतीय पहलवान के रूप में पहली सफलता 2010 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में हालिस की। जहां उन्होंने 58 किलोग्राम फ्रीस्टाइल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

– 2014 के डेव शुल्त्स इंटरनेशनल टूर्नामेंट में साक्षी मलिक ने 60 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।

– 2014 में ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान 58 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। वह फाइनल में नाइजीरिया की अमीनत अदेनियि से 4-0 के स्कोर से हार गई थी और सिल्वर से संतोष करना पड़ा था।

– साक्षी मलिक ने राष्ट्रमंडल खेल 2018 गोल्ड कोस्ट खेलों के दौरान 62 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। हालांकि, गोल्ड नहीं मिल पाने से वो निराशा हुई, लेकिन कांस्य हासिल करने के लिए उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया।

– इसके अलावा उन्होंने 2015 दोहा चैंपियनशिप में 60 किग्रा स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। भारतीय पहलवान ने नई दिल्ली में आयोजित 2017 चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। इसके साथ ही 2018 बायशेक और 2019 शीआन चैंपियनशिप में दो और कांस्य पदक जीते।

– भारत सरकार ने कुश्ती के खेल में साक्षी मलिके के योगदान के लिए 2-16 में  भारत में सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। बाद में 2017 में, उन्हें पद्म श्री पुरस्कार मिला।

– हाल ही में साक्षी मालिक ने कॉमनवेल्थ गेम 2022 के वूमेन 62 किग्रा वर्ग के फाइनल में कानडा की एना गोंडिनेज को हरा के गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

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