अंडर-19 एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ करारी हार के बाद भारतीय जूनियर टीम सवालों के घेरे में है। इस मुकाबले में हार के साथ ही सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा सीधे कोच सुनील जोशी पर फूट पड़ा। वजह—उनके हालिया दो अहम फैसले, जिन्हें फैंस टीम की हार से जोड़कर देख रहे हैं।
रविवार का दिन भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास था। टूर्नामेंट भले ही जूनियर स्तर का हो, लेकिन फाइनल में मुकाबला पाकिस्तान से था, इसलिए माहौल बेहद गर्म रहा। हालांकि, मैदान पर तस्वीर उलट निकली। Pakistan Under-19 Cricket Team ने India Under-19 Cricket Team को 191 रनों से हराकर न सिर्फ खिताब जीता, बल्कि अगले महीने होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले भारत के लिए चेतावनी भी दे दी। 348 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। टीम के स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी समेत टॉप ऑर्डर टिक नहीं सका।
टॉस के बाद उठे सवाल
हार के बाद सबसे बड़ा सवाल टॉस पर उठा। फैंस पूछ रहे हैं कि टॉस जीतकर पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी का न्योता क्यों दिया गया? क्या बड़े फाइनल में पहले बल्लेबाजी कर स्कोरबोर्ड का दबाव बनाना बेहतर विकल्प नहीं था? सोशल मीडिया पर इसी फैसले को हार की बड़ी वजह बताया जा रहा है।
पुरानी गलती भी आई चर्चा में
सुनील जोशी इससे पहले भी आलोचनाओं में घिर चुके हैं। पिछले महीने सिंगापुर में खेले गए एशिया कप राइजिंग स्टार टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ सुपर ओवर में उनके फैसले पर सवाल उठे थे। उस मैच में शतक लगा चुके और शानदार फॉर्म में चल रहे वैभव सूर्यवंशी की जगह जितेश शर्मा और आशुतोष शर्मा को ओपनिंग के लिए भेजा गया था। नतीजा—ओवर में 0 रन और मैच से हार। अब फाइनल की हार के बाद वही फैसला फैंस को फिर याद आ गया।
क्यों हारी टीम इंडिया?
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टॉस के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला, जो फाइनल में उल्टा पड़ गया
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टॉप ऑर्डर का फ्लॉप शो, बड़े लक्ष्य का दबाव झेल नहीं पाया
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फील्डिंग में चूक, जिससे पाकिस्तान का स्कोर और बढ़ा
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गेंदबाजी में निरंतरता की कमी, खासकर डेथ ओवर्स में
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मैच रणनीति में चूक, बड़े मुकाबले के मुताबिक प्लान नहीं बन पाया
कुल मिलाकर, बल्लेबाजों और गेंदबाजों की नाकामी के साथ-साथ रणनीतिक फैसलों पर भी सवाल उठ रहे हैं। फैंस की नजर में यह हार सिर्फ खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि मैनेजमेंट के फैसलों की भी है।
सोशल मीडिया पर टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी चुनने के फैसले को लेकर जोशी की जमकर आलोचना हो रही है।

खिलाड़ियों से ज़्यादा फैंस का गुस्सा कोच पर फूट रहा है, और सोशल मीडिया पर उनके फैसलों को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

पिछले महीने अंडर-23 एशिया कप हो या अब जूनियर अंडर-19 टूर्नामेंट, दोनों ही में टीम के कोच सुनील जोशी ही थे।





