गणपति बप्पा मोरया-अगले बरस तू जल्दी आ: 2 साल बाद फिर धूमधाम से मूर्तियों का विसर्जन, यूपी-हरियाणा में 15 डूबे

गणपति बप्पा मोरया-अगले बरस तू जल्दी आ: 2 साल बाद फिर धूमधाम से मूर्तियों का विसर्जन, यूपी-हरियाणा में 15 डूबे

नई दिल्ली. COVID-19 लॉकडाउन ने 2020 और 2021 में गणेश उत्सव की धूमधाम नहीं होने दी थी, लेकिन 2 साल बाद यानी इस बार पहले जैसा उत्साह देखने को मिला। 10-दिवसीय गणपति या गणेश उत्सव का देशभर में बड़ी धूमधाम से समापना हुआ। इस दौरान हरियाणा और यूपी में गणेश विजर्सन के दौरान 5 हादसों में 15 लोगों की डूबने से मौत हो गई। मुंबई में कड़ी सुरक्षा और इंतजामों के साथ मूर्ति विजर्सन हुआ। इधर, हरियाणा के महेंद्रगढ़ में झगड़ोली नहर में गणेश जी की प्रतिमा के साथ 9 लोग बह गए, जिनमें से 4 की मौत हो गई। वहीं, सोनीपत में यमुना नदी में भी 2 की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी 8 लोगों की मौत हो गई। संत कबीर नगर में 4 भाई-बहन डूब गए। ललितपुर और उन्नाव में 2-2 लोगों की मौत हो गई है। एक अन्य जगह घटना हुई। आगे पढ़िए पूरी डिटेल्स…

तस्वीर मुंबई से

हरियाणा : गणेश प्रतिमा विसर्जित करते समय 6 डूबे
हरियाणा के महेंद्रगढ़ और सोनीपत जिलों में शुक्रवार शाम भगवान गणेश की प्रतिमा विसर्जित करने के दौरान छह लोगों की डूबने से मौत हो गई। महेंद्रगढ़ में चार युवक नहर में डूब गए,जबकि दो सोनीपत में यमुना नदी में डूब गए। महेंद्रगढ़ में करीब सात फुट की मूर्ति विसर्जन के लिए ले जा रही टोली जब नहर में पानी की धारा में बह गई, तो 9 युवक बह गए थे। जिला प्रशासन ने NDRF की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसमें 5 को बचा लिया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ट्वीट कर कहा, महेंद्रगढ़ और सोनीपत जिलों में गणपति विसर्जन के दौरान डूबने से कई लोगों की असमय मौत की खबर दिल दहला देने वाली है। खट्टर ने हिंदी में ट्वीट किया, “हम सभी इस कठिन समय में मृतकों के परिवारों के साथ खड़े हैं। 10 दिवसीय गणेश उत्सव के समापन पर शुक्रवार को गणेश मूर्तियों को कई नदियों, नहरों और अन्य जल निकायों में विसर्जित किया गया। 

तस्वीर हैदराबाद से

मुंबई में हजारों मूर्तियों का समुद्र में विजर्सन
मुंबई और महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में विशाल जुलूस के साथ गणेश उत्सव का समापन होने के बाद शुक्रवार को हजारों गणेश प्रतिमाओं का अरब सागर, नदियों और अन्य जलाशयों में विसर्जित कर दिया गया। अकेले मुंबई में शुक्रवार देर शाम तक 19,000 से अधिक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया, जबकि कई गणेश मंडलों के जुलूस रातभर चलते रहे। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने कहा कि रात 9 बजे तक, 19,177 मूर्तियों को शहर भर में विसर्जित कर दिया गया था। लोग सड़कों पर उमड़ पड़े थे और ‘गणपति बप्पा मोरया, पुधच्य वर्षी लवकर हां’ (अगले साल भगवान आओ) के नारे लगा रहे थे। 

दिन के दौरान शहर में विसर्जित की गई मूर्तियों में से लगभग 18,000 घरेलू गणेश थे, जबकि 1,100 से अधिक ‘सार्वजनिक’ या सार्वजनिक पंडालों में स्थापित मूर्तियों को भी विसर्जित किया गया था। कुछ गणेश मंडलों का विसर्जन जुलूस दोपहर या शाम को देर से शुरू हुआ और शनिवार सुबह तक चलता रहा। मुंबई में शिवाजी पार्क, बांद्रा, जुहू और मलाड सहित शहर के गिरगांव चौपाटी और शहर के अन्य समुद्र तटों पर विसर्जन किया जाता है।

इकोलॉजिकल इम्पैक्ट को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक जल निकायों को प्रदूषण से बचने के लिए कृत्रिम तालाबों में 6,400 मूर्तियों का विसर्जन किया गया।  बीएमसी ने गहरे पानी में लंबी मूर्तियों के विसर्जन के लिए समुद्र तटों पर नौकाओं और मोटरबोट की व्यवस्था की थी। विसर्जन जुलूस की अनुमति देने के लिए कई सड़कों को यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने देर शाम गिरगांव चौपाटी समुद्र तट का दौरा किया था। उन्होंने वहां स्थापित टेम्परेरी पुलिस कंट्रोल रूम का भी दौरा किया था।

तस्वीर सूरत से

मुंबई की सड़कों पर निगरानी रखने के लिए 3,200 अधिकारियों सहित 20,000 से अधिक पुलिस कर्मी मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया कि राज्य रिजर्व पुलिस बल की आठ कंपनियां, रैपिड एक्शन फोर्स की एक कंपनी और 750 होमगार्ड भी तैनात किए गए थे। बीएमसी ने 73 प्राकृतिक और 162 कृत्रिम जल निकायों में विसर्जन की सुविधा प्रदान की थी और लगभग 10,000 नागरिक कर्मी ड्यूटी पर थे।नागरिक निकाय ने 188 नियंत्रण कक्ष, कई प्राथमिक चिकित्सा केंद्र स्थापित किए थे और विभिन्न विसर्जन बिंदुओं पर 786 लाइफगार्ड तैनात करने के अलावा 83 एम्बुलेंस तैयार रखे थे।

तस्वीर मुंबई से

दिल्ली में गणेश विसर्जन जुलूस के कारण भारी ट्रैफिक जाम
दिल्ली के कई हिस्सों में शुक्रवार शाम को गणेश विजर्सन समारोह के चलते भारी ट्रैफिक जाम रहा। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, उन्हें शहर भर से ट्रैफिक जाम की शिकायत करने के लिए कई फोन आए। श्रीनिवासपुरी से आश्रम, खजूरी खास से शास्त्री पार्क, उस्मानपुर पुस्ता से शास्त्री पार्क, मदनपुर खादर से कालिंदी कुंज, रोहिणी सेक्टर-18, सरिता विहार से कालिंदी कुंज, पश्चिम विहार और हनुमान मंदिर करोल बाग तक भारी ट्रैफिक रहा।

दक्षिणपूर्व दिल्ली के एसडीएम हेडक्वार्टर अजय चतुर्वेदी ने कहा यमुना नदी में मूर्ति विसर्जन को रोकने तट पर बड़ी संख्या में नागरिक सुरक्षा कर्मियों(civil defence workers) और पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया। मूर्ति विजर्सन के लिए 12 स्थानों पर आर्टिफिशियल तालाब बनाए गए थे। पिछले हफ्ते की शुरुआत में पुलिस ने लोगों से दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और अधिकारियों द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही मूर्तियों का विसर्जन करने का आग्रह किया था।

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