उत्तराखंड में रोचक हुई चुनावी जंग, कहीं पुत्र, पत्नी तो कहीं पुत्रवधू मैदान में, परिवार की राजनीतिक विरासत बढ़ा रहे आगे

उत्तराखंड में रोचक हुई चुनावी जंग, कहीं पुत्र, पत्नी तो कहीं पुत्रवधू मैदान में, परिवार की राजनीतिक विरासत बढ़ा रहे आगे

देहरादून। Uttarakhand Vidhan Sabha Election 2022 उत्तराखंड में परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए तीन नए चेहरे भी इस चुनाव में ताल ठोक रहे हैं। इनमें से दो भाजपा और एक कांग्रेस से हैं। काशीपुर सीट से भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा की जगह पार्टी ने इस बार उनके पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा को प्रत्याशी बनाया है। इसी तरह हरिद्वार जिले की खानपुर सीट से विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के स्थान पर उनकी पत्नी रानी देवयानी सिंह इस बार भाजपा प्रत्याशी हैं। इस चुनाव में तीन टिकटों की मांग कर रहे डा हरक सिंह रावत को भाजपा ने न केवल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया, बल्कि उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित भी कर दिया। कांग्रेस ने हरक की घर वापसी तो करा दी, लेकिन टिकट एक ही दिया। हरक के स्थान पर उनकी पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं रावत लैंसडौन सीट से कांग्रेस प्रत्याशी बनाई गई हैं। तो चलिए इन प्रत्याशियों के बारे में जान लेते हैं।

त्रिलोक चीमा पिता की विरासत को बढ़ाएंगे आगे

काशीपुर की राजनीति में पिछला दो दशक विधायक हरभजन सिंह चीमा के इर्द-गिर्द ही घूमता रहा है। भाजपा में टिकट दावेदारों की लंबी फेहरिस्त में सरदार का नाम फिर असरदार साबित हुआ। बात करें तो त्रिलोक सिंह चीमा की तो उनके पास राजनीतिक अनुभव के नाम पर पिता से मिली विरासत है। पिछले चार चुनाव जीतने का अनुभव चीमा परिवार के साथ है, जो टिकट पुख्ता करने का मजबूत आधार बना। तराई में सिख समुदाय के प्रतिनिधि के तौर पर भी चीमा का नाम आगे रहा है। इस बार बाजपुर में 20 गांवों के मामले को सुलझाने में विधायक चीमा का नाम सबसे आगे रहा। खास बात यह रही कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी त्रिलोक की दावेदारी को लेकर हक में रहे।

पति की विधानसभा सीट पर कुंवरानी देवयानी मैदान में

कुंवरानी देवयानी खानपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी हैं। वे तीन बार जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। देवयानी काफी पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रही हैं। कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन भी पहले ही इस बात का दावा कर चुके थे कि पार्टी खानपुर सीट से देवयानी को प्रत्याशी बनाएगी। आपको बता दें कि खानपुर विधानसभा सीट के अस्तित्व में आने के बाद से दो बार विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिसमें उन्होंने जीत हासिल की।

हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति चुनावी मैदान में

लैंसडौन विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं पर दांव खेला है। अनुकृति मूल रूप से लैंसडौन की रहने वाली हैं। वे पेशे से एक साफ्टवेयर इंजीनियर है। माडलिंग के क्षेत्र में उन्होंने काफी नाम कमाय। वे साल 2017 में मिस इंडिया ग्रैंड इंटरनेशनल रही हैं। उनकी शादी हरक सिंह रावत के बेटे तुषित रावत से हुई।

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