विकास, विवाद और बदलाव: नीतीश कुमार के टॉप फैसले जिन्होंने राजनीति में बनाई अलग पहचान

विकास, विवाद और बदलाव: नीतीश कुमार के टॉप फैसले जिन्होंने राजनीति में बनाई अलग पहचान

1. शराबबंदी का सबसे बड़ा फैसला (2016)

5 अप्रैल 2016 को नीतीश कुमार ने बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी। यह उनके करियर का सबसे बड़ा और साहसिक निर्णय माना जाता है।

  • घरेलू हिंसा कम होने का दावा

  • राजस्व में कमी, लेकिन सामाजिक बदलाव पर ज़ोर

  • विपक्ष ने इसे “अव्यवहारिक” बताया, लेकिन नीतीश अपने फैसले पर आज भी कायम हैं

2. महिला आरक्षण को बढ़ावा देना (2006–2023)

नीतीश कुमार ने 2006 में पंचायत चुनावों में 50% महिला आरक्षण लागू कर एक बड़ा सामाजिक बदलाव किया।
2023 में उनकी सरकार ने विधानसभा में 33% महिला आरक्षण बिल पास कराने में अहम भूमिका निभाई।

3. अपराधियों पर नकेल — “सुशासन बाबू” की छवि (2005–2010)

पहले कार्यकाल में ही उन्होंने बिहार में कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए।

  • फास्ट-ट्रैक कोर्ट की शुरुआत

  • अपराधियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

  • अपहरण उद्योग में गिरावट
    यही वो दौर था जब उन्हें “सुशासन बाबू” कहा जाने लगा।

4. साइकिल योजना और छात्रा प्रोत्साहन (2006–2009)

लड़कियों को स्कूल तक पहुँचाने के लिए शुरू की गई साइकिल योजना बिहार में एक क्रांति जैसी साबित हुई।

  • बेटियों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ी

  • बाल विवाह में कमी
    यह योजना बाद में कई राज्यों ने कॉपी की।

5. इंटर में फेल छात्रों को दोबारा मौका (2024)

2024 में इंटर परीक्षा में फेल छात्रों को दोबारा पास-ऑउट का मौका देने का फैसला किया।

  • लाखों छात्रों को राहत

  • विपक्ष ने इसे चुनावी गिफ्ट बताया

6. जातिगत सर्वे का ऐतिहासिक निर्णय (2022–2023)

केंद्र की जनगणना रुकी तो नीतीश ने बिहार का अलग जातीय सर्वे कराया।

  • सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर विस्तृत डेटा

  • राष्ट्रीय राजनीति में भी इसका प्रभाव देखा गया

7. सात निश्चय योजना (2015)

महागठबंधन सरकार में नीतीश ने युवाओं और ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए सात निश्चय योजना शुरू की।

  • हर घर नल का जल

  • हर घर शौचालय

  • युवाओं के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड

  • सड़क और बिजली कनेक्टिविटी
    यह योजना आज भी उनकी सबसे प्रभावी योजनाओं में मानी जाती है।

8. गठबंधन तोड़ने और जोड़ने के बड़े फैसले (2013, 2017, 2022, 2024)

नीतीश कई बार गठबंधन बदलने के लिए सुर्खियों में रहे।

  • 2013: बीजेपी से 17 साल पुराना गठबंधन खत्म

  • 2017: महागठबंधन से अलग होकर फिर बीजेपी से हाथ मिलाया

  • 2022: बीजेपी छोड़ी, महागठबंधन में वापसी

  • 2024: फिर एनडीए में आए

इन राजनीतिक फैसलों ने बिहार की दिशा कई बार बदल दी।

9. पंचायत प्रतिनिधियों के लिए मानदेय बढ़ाना (2021)

स्थानीय शासन को मजबूत करने के लिए बड़ी आर्थिक घोषणा की—

  • मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्यों का मानदेय बढ़ाया

10. रोजगार को लेकर बड़े फैसले (2021–2023)

नीतीश सरकार ने लाखों पदों पर बहाली प्रक्रिया शुरू की—

  • शिक्षकों की मेगा भर्ती

  • स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली

  • पुलिस बल में नियुक्तियाँ

नीतीश कुमार पिछले दो दशकों में ऐसे नेता के रूप में उभरे हैं जिन्होंने राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद बड़े फैसलों से अपनी छाप छोड़ी। शराबबंदी से लेकर महिला सशक्तिकरण, जातीय सर्वे से लेकर शिक्षा सुधार—उनके फैसलों ने बिहार में कई बड़े बदलावों की नींव रखी।

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