प्रयागराज , निरंजनी अखाड़े के बाघंबरी गद्दी मठ में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत मामले में हाईकोर्ट में दाखिल केस वापसी का हलफनामा जस का तस रहेगा। इस मामले में बुधवार को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी की ओर से की गई सुलह की सारी कोशिशें बेकार गईं। मान-मनौव्वल के बाद भी अमर गिरि हलफनामा वापस न लेने की जिद पर अड़े रहे।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी की मौजूदगी में बुधवार को बड़े हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक पद से स्वामी अमर गिरि को हटाए जाने पर भी चर्चा हुई। बाघंबरी गद्दी मठ के महंत बलवीर गिरि ने सफाई दी कि स्वामी अमर गिरि को हटाया नहीं गया है। लेकिन, शाम चार बजे की बड़े हनुमान जी की आरती दीपक पुजारी की ही देखरेख में हुई। अमर गिरि ने भी बताया कि उन्हें बड़े हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक की जिम्मेदारी पूर्ववत सौंपने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन देर रात तक वह मंदिर में अलग-थलग पड़े रहे।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी दोपहर बाद संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने बड़े हनुमान का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर की व्यवस्था से जुड़े पुजारी, सेवादारों की कुशल-क्षेम भी ली।
मैंने विवाद सुलझाने की पूरी कोशिश की है। स्वामी अमर गिरि कोर्ट में दाखिल हलफनामा वापस नहीं ले रहे हैं तो उन्हें बाध्य नहीं किया जा सकता। रही बात हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक पद से उनको हटाने की तो इससे वह सहमत नहीं हैं। इसलिए कि महंत नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट में भी व्यवस्थापक की जिम्मेदारी अमर गिरि को ही सौंपने की बात कही गई है। मेरी कोशिश है कि विवाद आगे न बढ़े। – महंत रवींद्र पुरी, अध्यक्ष-अखाड़ा परिषद।



