ढाका, बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने देश में मौजूदा कोरोना संक्रमण के पाजिटिविटी रेट को देखते हुए क्वारंटाइन अवधि को 14 दिनों से घटाकर 10 दिन कर दिया है। डीजीएचएस के प्रवक्ता प्रो डा. नजमुल इस्लाम ने 30 जनवरी को देश में कोरोनो वायरस की स्थिति पर वर्चुअल ब्रीफिंग करते हुए यह बात कही।
प्रो डा. नजमुल इस्लाम ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित पाया जाता है तो हम उसे 10 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रहने को कहेंगे। इसके बाद बुखार और अन्य लक्षण खत्म होने पर संक्रमित व्यक्ति 10 दिनों के बाद काम पर वापस जा सकता है। इससे पहले बांग्लादेश में कोरोना से संक्रमिक व्यक्ति को ठीक होने के बाद काम पर वापस जाने के समय आरटी पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट साथ लेकर जाना अनिवार्य किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि कहा अगर किसी को गले में खराश और कर्कश आवाज के साथ बुखार है तो व्यक्ति को डाक्टर के पास जरूर जाना चाहिए।
भारत ने बांग्लादेश को निर्यात की कोविड वैक्सीन
इसके साथ ही बांग्लादेश में पिछले 24 घंटों में 30 जनवरी यानि सुबह 8 बजे तक स्वास्थ्य निदेशालय ने 12 हजार 183 कोरोना के नए मामले दर्ज किए हैं। देश में कोरोना से 34 लोगों की मौत हो गई है और यह बांग्लादेश में पिछले साल 22 सितंबर 2021 के बाद से सबसे अधिक मौतें हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री जाहिद मालेक ने ब्राफिंग के दौरान देश में कोरोनो वायरस मामलों के चलते चल रही लहर की गंभीरता पर भी प्रकाश डाला। कोरोना को फालने से रोकने के लिए सभी देश आपस में मिलकर स्थिति का सामना करना रहे हैं। ऐसे में भारत ने भी कई देशों को कोविड से लड़ने में मदद के तौर पर वैक्सीन निर्यात की है, जिनमें से बांग्लादेश भी एक है। भारत लगातार पड़ोसी देश बांगलादेश को भारतीय वैक्सीन के बेच की आपूर्ति कर रहा है, जिससे लोगों को कोरोना से उभरने में मदद मिल सके।




