दिल्ली में पॉल्युशन बना कमाई का धंधा, एयर प्यूरिफायर की डिमांड बढ़ी, केजरीवाल-मान twitter पर हुए ट्रोल

दिल्ली में पॉल्युशन बना कमाई का धंधा, एयर प्यूरिफायर की डिमांड बढ़ी, केजरीवाल-मान twitter पर हुए ट्रोल

नई दिल्ली. यह तस्वीर 4 नवंबर की है, जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिल्ली में पॉल्युशन की समस्या को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए थे। इसमें पीछे लगीं बाबा साहेब अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरों और केजरीवाल-मान की स्टाइल में काफी समानता दिखीं। मान अकसर पीली पगड़ी में देखे जाते हैं। यहां भगत सिंह भी पीली पगड़ी में दिखे। इस तस्वीर में अरविंद केजरीवाल की बॉडी लैंग्वेज बाबा साहेब की तस्वीर से मैच करते दिखी। यह महज संयोग भी सकता है या पॉलिटिकल स्टंट। लेकिन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो जब अरविंद केजरीवाल ने twitter पर शेयर किया, तो वे ट्रोल होने लगे। twitter पर  Kejriwal Resign ट्रेंड पकड़ गया।

बता दें कि राजधानी दिल्ली में एयर क्वालिटी गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के अनुसार दिल्ली में 4 नवंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 472 (गंभीर) श्रेणी में रही। इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 5 नवंबर से प्रदूषण की स्थिति में सुधार होने तक दिल्ली के सभी प्राइमरी स्कूल बंद करने का ऐलान किया है। 

अरविंद केजरीवाल ने tweet करते हुए लिखा कि उत्तर भारतीय शहरों में प्रदूषण देखें। यह सिर्फ पंजाब और दिल्ली ही नहीं है। पूरा उत्तर भारत गंभीर प्रदूषण से पीड़ित है। आइए बंद करें दोषारोपण का खेल। आइए एक देश के रूप में समाधान खोजें। पंजाब में यह हमारा पहला साल है। पंजाब सरकार ने कम समय में पूरी कोशिश की। अगले साल तक, हम अच्छे परिणाम देखेंगे।

twitter पर ट्रेंड पकड़ा
इस बीच twitter पर Kejriwal Resign ट्रेंड पकड़ गया है। दिल्ली में पॉल्युशन को लेकर अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो शेयर किया। इस पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। पढ़िए कुछ कमेंट्स

जितना बोलते हो, उसका आधा भी काम करो तो जनता का भला हो जाए।
हमने कहा व्‍यर्थ मत बोलो
गूंगों की भाषाएं हम हैं
वे बोलो बस शोर मचाओ
इसी शोर से आए हम हैं!! @jaijeet_k

बहुत क्रांतिकारी-@ReginIeIe

दिल्ली में बढ़ गई एयर प्यूरिफायर की डिमांड
दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के बीच एयर प्यूरीफायर(air purifiers) तेजी से एक लक्जरी उत्पाद बन गया है(luxury product)। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स(AQI) शुक्रवार सुबह 426 रहा। 400 से ऊपर का एक्यूआई ‘गंभीर’ माना जाता है और स्वस्थ लोगों को प्रभावित कर सकता है। साथ ही मौजूदा बीमारियों वाले लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इसके चलते राष्ट्रीय राजधानी में विशेष रूप से दिवाली के बाद एयर प्यूरीफायर की मांग बढ़ी है। ‘O2 क्योर’ के संस्थापक और ज़ेको एयरकॉन लिमिटेड के एमडी कार्तिक सिंघल के अनुसार, दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा जैसे प्रमुख शहरों के खरीदार इनडोर प्यूरिफिकेशन के बारे में अधिक जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। सिंघल ने कहा, “इससे एयर प्यूरिफायर सेक्टर में वृद्धि हुई है। पिछले कुछ हफ्तों के दौरान बिक्री में भारी उछाल देखा गया है।” दरियागंज ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव और एक इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर के मालिक मनीष सेठ ने कहा कि यह उपकरण अब एक आवश्यकता बन गया है और यहां तक ​​कि डॉक्टर भी मरीजों को इसका इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं। कंपनियों ने इसकी बढ़ती डिमांड का लाभ उठाने कीमतें कम कर दी हैं। पहले 15,000 रुपये से 20,000 रुपये के लिए उपलब्ध होने वाले प्यूरिफायर अब 7,000 रुपये से 8,000 रुपये में बेचे जा रहे हैं। 

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