इन्वेस्ट कर्नाटक 2022: PM मोदी ने कहा- कोविड के बावजूद पिछले साल भारत ने 84 बिलियन डॉलर का FDI हासिल किया

इन्वेस्ट कर्नाटक 2022: PM मोदी ने कहा- कोविड के बावजूद पिछले साल भारत ने 84 बिलियन डॉलर का FDI हासिल किया

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज (2 नवंबर) को ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट ‘इन्वेस्ट कर्नाटक 2022’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। बैठक का उद्देश्य संभावित निवेशकों को आकर्षित करना और अगले दशक के लिए विकास एजेंडा स्थापित करना है। बेंगलुरु में 2 से 4 नवम्‍बर तक होने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम में 80 से अधिक वक्ता सत्र(speaker session) होंगे। पढ़िए मोदी ने क्या कहा…

पिछले वर्ष 84 बिलियन डॉलर का फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट
मोदी ने कहा-पिछले वर्ष भारत ने करीब 84 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड Foreign direct investment हासिल किया था। आप भी जानते हैं कि नतीजे तब आ रहे हैं, जब दुनिया कोविड महामारी और युद्ध की परिस्थितियों से जूझ रही है। कर्नाटक वह जगह है, जहां परंपरा मौजूद है, और तकनीक भी। यह एक ऐसी जगह है, जहां पर प्रकृति और संस्कृति के बीच खूबसूरत तालमेल देखा जा सकता है। यह वह स्थान है जो न केवल अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए बल्कि अपने जीवंत स्टार्टअप के लिए भी जाना जाता है। भले ही ये ग्लोबल क्राइसि​स का दौर है लेकिन दुनिया भर के एक्सपर्ट्स, विश्लेषक और अर्थव्यवस्था के जानकार भारत को ब्राइट स्पॉट बता रहे हैं। और हम अपने fundamentals पर लगातार काम कर रहे हैं, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था दिनों दिन मजबूत हो।

भारत की तैयारियों की झलक
मोदी ने कहा-पिछले कुछ महीनों में भारत ने जो भी मुक्त व्यापार सौदे किए हैं, उससे दुनिया को भारत की तैयारियों की झलक मिल गई है। एक ओर जहां हम एफडीआई क्षेत्र में तेजी से विकास का अनुभव कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देश में चिकित्सा संस्थानों और अस्पतालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। आज दुनिया इंटस्ट्री 4.0 की तरफ बढ़ रही है, भारत के युवा, बीते वर्षों में अपने यहां 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न बना चुके हैं। भारत में 8 साल में 80 हजार से ज्यादा स्टार्टअप्स बने हैं। आज कर्नाटक के पास डबल इंजन की पावर है। Ease Of Doing Business में कर्नाटक लगातार टॉप रैकर्स में अपनी जगह बनाए हुए है। फार्च्यून 500 कंपनियों में से 400 कर्नाटक में हैं।भारत के 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न में से 40 से ज्यादा कर्नाटक में हैं। गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान( Gatishakti National Master Plan) ने बुनियादी ढांचे के निर्माण के तरीके को बदल दिया है। विकासशील बुनियादी ढांचे के साथ-साथ मौजूदा बुनियादी ढांचे का नक्शा भी तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान लास्ट माइल कनेक्टिविटी का ध्यान रखा जाता है।

यह भी जानिए
स्पीकर सेशन में कुमार मंगलम बिड़ला, सज्जन जिंदल, विक्रम किर्लोस्कर सहित उद्योग जगत के कुछ शीर्ष नेता शामिल हैं। इसके साथ ही, 300 से अधिक प्रदर्शकों के साथ कई व्यावसायिक प्रदर्शनियां और देश के सत्र समानांतर रूप से चलेंगे। देश के सत्रों की मेजबानी अलग-अलग -जर्मनी, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, जापान और ऑस्ट्रेलिया करेंगे, जो अपने-अपने देशों से उच्चस्तरीय मंत्रिस्तरीय और औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल ला रहे हैं। आयोजन का वैश्विक स्तर कर्नाटक को अपनी संस्कृति को दुनिया के सामने भी प्रदर्शित करने का अवसर देगा।

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