डिफेंस प्रोडक्शन से काउंटर टेररिज़्म तक… भारत-EU का अब तक का सबसे बड़ा FTA, पीएम मोदी बोले-सभी को होगा फायदा

डिफेंस प्रोडक्शन से काउंटर टेररिज़्म तक… भारत-EU का अब तक का सबसे बड़ा FTA, पीएम मोदी बोले-सभी को होगा फायदा

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मंगलवार को हुआ मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) दोनों पक्षों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक FTA बताते हुए कहा कि इस समझौते से किसानों से लेकर उद्योग जगत, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और निवेशकों तक—सभी को सीधा लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, 27 यूरोपीय देशों के साथ हुए इस FTA से भारतीय उत्पादों और सेवाओं को यूरोपीय बाजारों तक पहले से कहीं अधिक आसान और प्रतिस्पर्धी पहुंच मिलेगी। इससे भारतीय कंपनियों की वैश्विक मौजूदगी मजबूत होगी और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को भी नई गति मिलेगी।

किसानों, MSME और मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा फायदा

पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों, छोटे उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर के लिए नए अवसर लेकर आएगा। कृषि उत्पाद, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टरों को यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। इससे न सिर्फ निर्यात बढ़ेगा, बल्कि देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि इस एफटीए के जरिए भारत में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को मजबूती मिलेगी।

वैश्विक सप्लाई चेन और मोबिलिटी को मिलेगा नया ढांचा

भारत-EU की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता केवल एक ट्रेड एग्रीमेंट नहीं है, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। इससे सप्लाई चेन में स्थिरता आएगी और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत-EU की साझेदारी और मजबूत होगी।

उन्होंने बताया कि इस समझौते से भारतीय छात्रों, प्रोफेशनल्स और कामगारों के लिए यूरोप में नए अवसर खुलेंगे। साथ ही साइंस, टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग और गहराएगा।

डिफेंस, सुरक्षा और काउंटर टेररिज़्म में सहयोग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी रणनीतिक साझेदारी की बुनियाद रक्षा और सुरक्षा सहयोग होता है। यह FTA भारत और EU के बीच डिफेंस प्रोडक्शन, काउंटर टेररिज़्म, साइबर सिक्योरिटी और साइबर पार्टनरशिप को नई मजबूती देगा।

उन्होंने बताया कि इस समझौते से भारतीय डिफेंस कंपनियों के लिए यूरोपीय कंपनियों के साथ को-प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी शेयरिंग के नए रास्ते खुलेंगे। इससे भारत का रक्षा क्षेत्र और अधिक आत्मनिर्भर बनेगा।

पांच साल का नया रणनीतिक एजेंडा

पीएम मोदी ने जानकारी दी कि भारत और यूरोपीय यूनियन अगले पांच वर्षों के लिए एक नया और महत्वाकांक्षी रोडमैप लॉन्च कर रहे हैं। यह एजेंडा इनोवेशन, सुरक्षा सहयोग, निवेश, टेक्नोलॉजी और पीपुल-टू-पीपुल संबंधों को मजबूत करने की स्पष्ट दिशा तय करेगा।

EU भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार

यूरोपीय यूनियन भारत का एक अहम व्यापारिक साझेदार है, जिसके साथ भारत के कुल वैश्विक व्यापार का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा जुड़ा हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-EU के बीच कुल व्यापार करीब 136.53 बिलियन डॉलर रहा।

आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान भारत ने EU से 60.68 बिलियन डॉलर का आयात किया, जबकि 75.85 बिलियन डॉलर का निर्यात किया गया। इस तरह भारत को EU के साथ करीब 15.17 बिलियन डॉलर का ट्रेड सरप्लस हासिल हुआ।

सेवा क्षेत्र में भी मजबूत साझेदारी

वस्तुओं के व्यापार के साथ-साथ सेवा क्षेत्र में भी भारत-EU की साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। साल 2024 में सेवा क्षेत्र में दोनों के बीच व्यापार 83.10 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इसमें आईटी, बिजनेस सर्विसेज, फाइनेंशियल सर्विसेज और टेलीकम्युनिकेशन जैसे सेक्टर प्रमुख रहे।

क्यों अहम है भारत-EU FTA?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह FTA भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित करेगा। इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत-EU संबंधों को रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा—तीनों स्तरों पर नई मजबूती मिलेगी।

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