हरिद्वार जा रहे यति नरसिंहानंद गिरी बॉर्डर पर रोके गए, UGC एक्ट को हिंदू समाज के लिए बताया ‘डेथ वारंट’

उतराखंड के शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर और पंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी को रविवार को हरिद्वार जाते समय उत्तर प्रदेश–उत्तराखंड बॉर्डर पर पुलिस ने रोक लिया। यति नरसिंहानंद गिरी महाराज आज हरिद्वार के सर्वानंद घाट पर UGC एक्ट के विरोध में एक दिन का सांकेतिक उपवास करने जा रहे थे। उनका कहना है कि यह उपवास संत समाज की चुप्पी के विरोध में रखा जाना था।

बॉर्डर पर रोके जाने का आरोप

महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज अपने वर्ल्ड रिलिजियस कन्वेंशन की मुख्य संयोजक डॉ. उदिता त्यागी, शिष्य यति रणसिंहानंद, यति अभयानंद, यति धर्मानंद, मोहित बजरंगी और डॉ. योगेंद्र योगी के साथ हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। हालांकि, उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें यूपी–उत्तराखंड सीमा पर ही रोक दिया। पुलिस बल की मौजूदगी के चलते उनका हरिद्वार जाना संभव नहीं हो सका।

‘लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन’

यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने बॉर्डर पर रोके जाने को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण और सांकेतिक उपवास करना उनका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आगे बढ़ने से रोका गया। भारी पुलिस बल के सामने उनकी और उनके साथ मौजूद शिष्यों की एक नहीं चली।

UGC एक्ट को लेकर गंभीर आरोप

महामंडलेश्वर ने UGC एक्ट को लेकर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि यह एक्ट अरब देशों, विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात से जुड़ी योजनाओं का हिस्सा है। उनके अनुसार, कुछ वैश्विक इस्लामिक थिंक टैंक का मानना है कि जब तक भारत में सामाजिक संरचना में बदलाव नहीं किया जाता, तब तक भारत का इस्लामीकरण संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के इस्लामीकरण के बिना दुनिया के इस्लामीकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता।

‘संत समाज की चुप्पी महाविनाश की ओर’

यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा कि UGC एक्ट जैसे कथित षड्यंत्र पर संत समाज की चुप्पी सनातन धर्म के लिए गंभीर खतरा है। उनका आरोप है कि अब तक ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज सनातन धर्म की ढाल बने रहे हैं, लेकिन यदि यह ढाल कमजोर हुई तो देश को जातीय संघर्ष की ओर धकेला जा सकता है। उन्होंने इस कानून को हिंदू समाज का ‘डेथ वारंट’ बताया।

संत समाज से अपील

बॉर्डर से ही महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने संत समाज से भावुक अपील करते हुए कहा कि इतने बड़े मुद्दे पर मौन रहना सनातन धर्म के लिए विनाशकारी हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी संत समाज चुप रहा, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

पहले भी हो चुके हैं नजरबंद

यह पहला मौका नहीं है जब यति नरसिंहानंद गिरी महाराज को रोका गया हो। इससे पहले 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के दिन वे UGC एक्ट के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्राणदान की घोषणा के साथ जाने वाले थे। उस दौरान गाजियाबाद पुलिस ने शिवशक्ति धाम डासना को पुलिस छावनी में तब्दील कर उन्हें मंदिर परिसर में ही नजरबंद कर दिया था।

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