नेपाल में रविवार को क्यों नहीं होती छुट्टी? इस दिन क्यों खुले रहते हैं स्कूल और दफ्तर

भारत में रविवार को साप्ताहिक अवकाश होता है, लेकिन भारत के पड़ोसी देश नेपाल में यह दिन पूरी तरह सामान्य कार्यदिवस माना जाता है। यहां रविवार को स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ्तर, बैंक और निजी कार्यालय खुले रहते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर नेपाल में संडे की छुट्टी क्यों नहीं होती और वहां वीकली ऑफ किस दिन रहती है।

नेपाल में शनिवार को होती है साप्ताहिक छुट्टी

नेपाल में साप्ताहिक अवकाश शनिवार को होता है। इस दिन सरकारी दफ्तर, बैंक, स्कूल-कॉलेज और अधिकतर निजी संस्थान बंद रहते हैं। यही वजह है कि शनिवार को नेपाल के बाजारों और दफ्तरों में आम दिनों के मुकाबले कम चहल-पहल देखने को मिलती है। नेपाल में कामकाज का सप्ताह रविवार से शुक्रवार तक चलता है, यानी यहां रविवार सप्ताह का पहला कार्यदिवस होता है।

राणा शासन काल से जुड़ी है यह परंपरा

नेपाल में शनिवार को छुट्टी की परंपरा की जड़ें राणा शासन काल से जुड़ी मानी जाती हैं। खासतौर पर जुद्ध शमशेर राणा के शासन के दौरान इस व्यवस्था को लागू किया गया था। उस दौर में नेपाल ने अपनी प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्थाएं खुद तय कीं और यही परंपरा आगे भी जारी रही।

ईसाई परंपरा का असर न होने की वजह

दुनिया के कई देशों—जैसे यूरोप, अमेरिका और ब्रिटेन—में रविवार की छुट्टी ईसाई धार्मिक परंपराओं से जुड़ी मानी जाती है। नेपाल कभी ब्रिटिश शासन के अधीन नहीं रहा, इसलिए वहां ईसाई प्रभाव भी अपेक्षाकृत कम रहा। इसी कारण नेपाल ने रविवार को अवकाश के रूप में स्वीकार नहीं किया और अपनी अलग व्यवस्था बनाए रखी।

शनिवार को पूजा और विश्राम का दिन

नेपाली संस्कृति में शनिवार को नया काम शुरू करना शुभ नहीं माना जाता। यह दिन पूजा-पाठ और आराम के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है। धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के चलते शनिवार को अवकाश देने की परंपरा धीरे-धीरे मजबूत होती गई, जो आज भी जारी है।

स्वतंत्र राष्ट्र होने का भी असर

नेपाल उन गिने-चुने देशों में शामिल है जो कभी औपनिवेशिक शासन के अधीन नहीं रहे। जहां भारत को मुगल और फिर ब्रिटिश शासन का सामना करना पड़ा, वहीं नेपाल लंबे समय तक स्वतंत्र राष्ट्र बना रहा। इसी वजह से नेपाल की सामाजिक और प्रशासनिक परंपराएं भारत और पश्चिमी देशों से अलग रहीं।

कुल मिलाकर, नेपाल में रविवार को छुट्टी न होने की वजह ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी है। यहां शनिवार को पूजा और विश्राम का दिन माना जाता है, जबकि रविवार से ही कामकाज की शुरुआत होती है। यही कारण है कि नेपाल की वीकली ऑफ व्यवस्था दुनिया के कई देशों से अलग नजर आती है।

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