देहरादून, 13 नवंबर 2021

उत्तराखंड में सरकारी नौकरियां देने के मामले में राजनीति छोड़ने के अपने बयान में पूर्व सीएम हरीश रावत खुद ही उलझ गए। 3200 सरकारी नौकरियां पाने वाले लोगों का नाम बताने पर राजनीति छोड़ देने की चुनौती पर बीते रोज शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे 10 हजार नौकरियां का ब्योरा दे चुके हैं। आज सरकारी प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने भी रावत पर तीखा हमला बोला।

आम तौर पर हर छोटे बड़े मुद़्दे पर सोशल मीडिया अतिमुखर रहने वाले पूर्व सीएम रावत ने आज नौकरी और अपनी चुनौती पर उठते विवाद पर देर शाम तक खामोशी साधे रखी। यह जरूर है कि कांग्रेस संगठन के दूसरे नेता जरूर रावत के बयान का बचाव करने का प्रयास करते रहे। प्रदेश उपाध्यक्ष और मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षा मंत्री नियुक्तियों को लेकर झूठे दावे कर रहे हैं।

बेसिक स्तर पर की गई नियुक्तियां कांग्रेस सरकार द्वारा लागू आरटीई एक्ट के कारण ही सृजित हुई है। बाकी एलटी-प्रवक्ता के पद भी ज्यादातर कांग्रेस सरकार में स्वीक़ृत थे। रही बात अतिथि शिक्षकों की तो, तो यह व्यवस्था लागू ही कांग्रेस की पूर्ववर्ती हरीश रावत सरकार ने की थी। भाजपा ने तो शुरू से ही इस व्यवस्था को उलझाए रखा।

खनन पर लेकर भी सुरेंद्र ने सरकार पर हमला बोला। कहा कि कहा जा रहा है कि कांग्रेस सरकार में खनन के पट्टे जारी हुए हैं। लेकिन वर्तमान में रिन्यू करने के नाम पर क्या क्या हुआ है, किसी से छिपा नहीं है। सरकार खनन और शराब माफिया की गोद में बैठी है। चाहें तो हम प्रमाण भी दे सकते हैं। रावत के राजनीति से सन्यास लेने के बयान पर सुरेंद्र ने कहा कि, रावत सन्यास नहीं लेंगे, बल्कि जनता के आशीर्वाद से उत्तराखंड से भाजपा को राजनीति से सन्यास दिलाने का काम करेंगे।

सरकारी प्रवक्ता सुबोध उनियाल के दावों पर भी सुरेंद्र ने सवाल उठाए।प्रदेश महामंत्री संगठन मथुरादत्त जोशी ने रावत के दावे को सही बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार रोजगार के मोर्चे पर पूरी तरह से विफल रही है। रोजगार देने के बावजूद लोगों से रोजगार छीनने का काम काम किया है।

नया सीएम बनाने आए हैं विजय बहुगुणा

प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने कहा कि भाजपा के भीतर जबरदस्त असंतोष चल रहा है। पूर्व सीएम विजय बहुगुणा प्रदेश का नया सीएम दिलाने के खास मिशन के तहत ही देहरादून आएं हैं। वो खुद भी कह चुके हैं बार बार सीएम बदलना गलत नहीं बल्कि अच्छी परंपरा है।