
देहरादून, 22 अक्टूबर 2021
उत्तराखंड में आई आफत की बारिश से हालात बिगड़ने का आलम यह है कि 64 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है और अभी गुमशुदा लोगों की तलाश जारी है. उत्तराखंड के दौरे से हालात का जायज़ा लेकर लौटे केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने दावा किया कि अब स्थिति पहले से बेहतर है. ज़्यादातर जगहों पर हालात काबू में हैं. अगले एक हफ्ते में स्थिति पूरी तरह सामान्य कर ली जाएगी. केंद्र और उत्तराखंड सरकार मिलकर लगातार दिन रात आपदा से बचाव का काम कर रही है. भट्ट ने यह भी दोहराया कि चारधाम यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है.
उत्तराखंड दौरे से वापस आकर केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने न्यूज़18 से बातचीत में बताया कि राज्य में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में एक हफ्ते का वक़्त और लग जाएगा. भट्ट के मुताबिक बिजली की सप्लाई ज़्यादातर जगह बहाल कर दी गई है. कुछ जगहों पर अभी काम चल रहा है, वहां भी अगले 2-3 दिन में बिजली मिलेगी. इसके अलावा, ज़्यादातर सड़कें भी ठीक किए जाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ 3 बड़ी सड़कें रह गई हैं, जिनमें ज़्यादा नुकसान था या जो ज़्यादा फट गई थीं. जलस्तर कम होते ही उन्हें भी ठीक कर दिया जाएगा.
सुरक्षित निकाले गए 3000 पर्यटक
भट्ट ने बताया कि पर्यटन आधारित राज्य उत्तराखंड में अन्य राज्यों के कई लोग फंस गए थे. ऐसे तकरीबन 3 हज़ार लोगों को सुरक्षित निकाल कर उनके राज्यों में पहुंचाया गया. शेष फंसे हुए लोगों को भी रेस्क्यू किया जा रहा है.
बद्रीनाथ की सड़क ठीक
भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि चारधाम यात्रा को फिर से सुरक्षित तौर पर शुरू कर दिया गया है. यात्रा के रास्ते मे जहां जहां नुकसान हुआ था, उसको ठीक करके यात्रा फिर शुरू कर दी गई है. भट्ट ने दावा किया कि बद्रीनाथ के पास सड़क टूट गई थी, उसको भी ठीक कर लिया गया है.
‘आपदा हमारे भाग्य में, लेकिन..’
भट्ट ने बताया कि कुछ जगहों पर अभी भी पहुंच पाना मुश्किल बना हुआ है. वहां संपर्क साधने की कोशिश हो रही है. जैसे जैसे संपर्क हो रहा है, वहां रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों को निकाला जा रहा है. केंद्र सरकार उत्तराखंड को पूरा सहयोग कर रही है. एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन कराया जा रहा है. भट्ट ने कहा, ‘आपदा हमारे भाग्य में है, लेकिन हमारी सरकार जिस तरह आपदा से पहले, आपदा के समय और आपदा के बाद प्लानिंग के साथ काम कर रही है, हम नुकसान की स्थिति को नियंत्रण में कर लेते हैं.’







