
देहरादून, 8 अगस्त 2021
कुंभ में कोविड टेस्टिंग में हुआ फर्ज़ीवाड़ा सबके सामने है, लेकिन इस फर्जीवाड़े में कितना बड़ा घोटाला हुआ, इसकी जांच चल रही है. पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने जांच को सही बताया है. वहीं हरीश रावत का कहना है कि जिस घोटाले में बीजेपी के लोग शामिल हों, वहां इसके अलावा बीजेपी कुछ कह भी नहीं सकती.
हरिद्वार कुंभ में कोविड के फर्जी टेस्ट हुए. करोड़ों के पेमेंट में गड़बड़ी हुई. इन्हीं आरोपों की जांच की आंच अब आरोपियों तक पहुंच रही है. इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट यानि ईडी और एसआईटी हर पहलू की जांच कर रही है. पता लगाया जा रहा है कि आखिर कुंभ में हुआ तथाकथित घोटाला कितना बड़ा है? कुंभ का आयोजन तीरथ सरकार में हुआ, इसलिए सवाल भी उठे और तब ये फर्ज़ीवाड़ा पिछली सरकार का बताया गया. अब पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत का कहना है कि ईडी सही काम कर रही है और जब वो प्रधानमंत्री से मिले थे तो पीएम मोदी ने साफ-सुथरे कुंभ के लिए कहा था, लेकिन कुंभ के आखिरी दिनों में जो हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण रहा. वहीं सीएम पुष्कर धामी ने पूरी बात कानून पर छोड़ दी है.
कुंभ बीजेपी सरकार में हुआ औऱ उस वक्त टेस्टिंग में गड़बड़ी के मुख्य आरोपी की कई तस्वीरें नेताओं के साथ वायरल भी हुईं. पूर्व सीएम हरीश रावत का कहना है कि ईडी की कार्रवाई को सही बताने के अलावा बीजेपी कुछ नहीं कह सकती, क्योंकि पूरे फर्ज़ीवाड़े में बीजेपी नेताओं के कनेक्शन जुड़े हैं. कुंभ में टेस्टिंग फर्ज़ीवाड़ा हुआ. ये बात सरकार ने भी मानी और उसी की एसआईटी जांच भी चल रही है. गड़बड़ी के सुराग ईडी खंगाल रही है. जैसे-जैसे जांच एजेंसी तार जोड़ रही है और आरोपियों की तलाश कर रही हैं, उससे बीजेपी के अंदर बेचैनी बढ़ गई है कि कहीं पूरा कुंभ बड़े घोटाले के लिए बदनाम न हो जाए.







