
देहरादून, 7 नवंबर 2021
देहरादून (Dehradun) का नशा मुक्ति केंद्र (Drug de-addiction center) एक बार फिर से सवालों के घेरे में है. नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के नशा मुक्ति केंद्र के संचालक सहित अन्य लोगों पर मारपीट का आरोप लगा है, जिसके बाद नेहरू कॉलोनी पुलिस ने संचालक और अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है.
दरअसल, ‘लाइफ केयर फाउंडेशन रिहैब सेंटर’ में भर्ती युवक ने नेहरू कॉलोनी में जाकर तहरीर देकर मुक्ति संचालक निखिल चमोली, सचिन प्रताप, फैजल, महताब अंसारी, सौरभ पर रिहैब सेंटर में मारपीट करने का आरोप लगाया. इसकी शिकायत मिलते ही पुलिस एक्शन में आ गई.
बताते चलें कि यह कोई पहला मामला नहीं जब लाइफ केयर फाउंडेशन रिहैब सेंटर पर इस तरह के संगीन आरोप लगे हैं. इससे पहले नेहरू कॉलोनी थाने में ही संचालक और अन्य चार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है. जिसकी जांच राजधानी पुलिस कर रही है. वहीं मारपीट के मामले को लेकर एसपी सिटी सरिता डोभाल ने कहा कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है. जांच की जा रही है और इस मामले में कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि प्रदेश से ही नहीं बल्कि देश के अलग अलग राज्यों से नशे की गर्त में युवा ऐसे सेंटर पर अपना इलाज कराने आते हैं. परिजन भी यह सोचकर संतुष्ट रहते हैं कि उनके परिचित किसी सुरक्षित हाथों में हैं, लेकिन देहरादून के सेंटर पर लगने वाले इस तरह के आरोप गंभीर सवाल उठा रहे हैं.
गाइडलाइन्स न होने के चलते सेंटर्स बेलगाम
गाइडलाइन्स न होने के चलते देहरादून के रिहैब सेंटर्स पूरी तरह से बेलगाम हैं. बताते चलें कि से कोई पहला मामला नहीं जब सेंटर्स पर इस तरीके के आरोप लगे हैं. इससे पहले भी तमाम बार देहरादून सेंटर्स पर कई संगीन आरोप लग चुके हैं. वहीं कोई सख़्त गाइडलाइंस न होने के चलते पुलिस भी ऐसे सेंटर्स पर सख़्त कार्रवाई नहीं कर पाती. हालांकि जिला प्रशासन लंबे वक्त से रिहेब सेंटर्स सख़्त गाइडलाइन्स बनाने की बात जरूर कह रहा है.
कब कसेगा शिकंजा ?
नशा मुक्ति केंद्रों और रिहेब सेंटर पर लगातार दर्ज होते मुकदमों ने उसके संचालन पर सवाल उठा दिए हैं. फिलहाल पुलिस जांच के बाद कार्रवाई की बात जरूर कह रही है. इस मामले में पुलिस की जांच पर सभी की नजर टिकी है.







