
देहरादून, 4 अगस्त 2021
उत्तराखंड कांग्रेस (Uttarakhand Congress Crisis) में विवाद थमने का नाम नहीं ने रहे हैं. ताजा मामला पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह (Pritam Singh) के फैसलों को पलटने से जुड़ा है. दरअसल, प्रीतम सिंह ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में जो ब्लॉक अध्यक्ष बनाए थे, उनको नये कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल (Ganesh Godiyal) ने कैंसिल कर दिया. हालांकि इस समय ऋषिकेश में कांग्रेस का मंथन शिविर चल रहा है.
ब्लॉक अध्यक्ष मामले पर प्रीतम सिंह ने कहा कि जब मैं अध्यक्ष बना, तो मैंने 2-3 साल तक किशोर उपाध्याय की टीम के साथ काम किया, लेकिन अब नये कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल मेरे साथ चले लोगों को हटाना चाहते हैं, ये उनका अधिकार है.
गणेश गोदियाल ने कही ये बात
वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस के नये प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि किसी को हटाया नहीं जा रहा है बल्कि बदला जा रहा है. जबकि पौड़ी जिले के मामले में पर्यवेक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई है. कुल मिलाकर मंथन शिविर के बीच कांग्रेस के मौजूदा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष में विवाद शुरू हो गया है.
क्या नई कांग्रेस में थमेंगे विवाद?
उत्तराखंड कांग्रेस पर विवादों को थामना नये प्रदेश अध्यक्ष के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. बीते करीब 4 सालों में कांग्रेस अपने बड़े नेताओं के विवादों की वजह से बदनाम रही है. ऐसे में चुनाव से पहले विवादों को थामना कांग्रेस के बड़े नेताओं के लिए जरूरी है. वहीं, गणेश गोदियाल के ऊपर इस बात की भी जिम्मेदारी है कि वो सबको साथ कर चलें, लेकिन सीनियर लीडर इंद्रा हिरदेश के निधन के बाद कांग्रेस में फिलहाल दो बड़े गुट हैं. वो हैं हरीश रावत और प्रीतम सिंह गुट. बता दें कि इसी फॉर्मूले पर सबको साधते हुए प्रदेश अध्यक्ष के साथ 4 कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए, लेकिन ब्लॉक अध्यक्षों को हटाने एक नया विवाद खड़ा हो गया है.







