
देहरादून, 11 अक्टूबर 2021
उत्तराखंड में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए और डीजल की कीमत 93 रुपए के पार पहुंच गई है. मई से लगातार पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में बढ़ोतरी हो रही है. पिछले एक हफ्ते में तो कीमतों में तेजी के साथ उछाल आया है. चुनावी दहलीज पर खड़ी प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम से जहां असहज महसूस कर रही है, तो वहीं कांग्रेस खुलकर वार कर रही है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के साथ ही खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं. सरकार महंगाई पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है. महंगाई से जनता बेहाल है, लेकिन चुनाव में वो इसका ऐसा जवाब देगी कि बीजेपी बेहाल हो जाएगी.
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल ने चुनाव की ओर बढ़ रहे सत्तारूढ़ दल की परेशानी भी बढ़ा दी है. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता शादाब शम्स का कहना है कि आम जनता की तरह हम भी परेशान हैं. पार्टी पेट्रोलियम मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक से अनुरोध करेगी कि इस दिशा में कुछ सोचा जाना चाहिए. उन्होंने संकेत दिए कि सीएम पुष्कर धामी इस संबंध में केंद्र से बातचीत कर सकते हैं.
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस बढ़ोतरी से आम आदमी के साथ ही कारोबारी भी परेशान हैं. इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता का कहना है कि इससे लॉजिस्टिक कॉस्ट बढ़ गई है. तेल महंगा हो गया है, बिजली समय से नहीं मिल पा रही है. डीजल का रेट भी बढ़ जाने से ट्रकों का भाड़ा बढ़ गया है. ट्रेन से आना-जाना महंगा हो गया है. हर तरह से इंडस्ट्री प्रेशर में है. हम किस तरह से मैनेज करें ये समझ में नहीं आ रहा है.
बहरहाल, उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. उसके पहले पेट्रोल-डीजल के रेट में लगातार उछाल से प्रदेश की सियासत भी गर्मा गई है. विपक्षी कांग्रेस जहां इसे सरकार की असफलता बता रही है, वहीं राज्य सरकार इसके लिए केंद्र पर आश्रित है.







