
देहरादून, 26 अक्टूबर 2021
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने सोमवार को उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य ने सुरक्षा के लिहाज़ से बचाव के कारगर कदम नहीं उठाए. रावत ने कहा कि अलर्ट के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्य सरकार से पूछा भी गया था कि भारी बारिश से जूझने के लिए किस तरह के प्रबंध किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने लापरवाही का रवैया दिखाया. एक तरफ, चिंता करने के लिए रावत ने अमित शाह को धन्यवाद ज्ञापित किया तो दूसरी तरफ धामी सरकार की कड़ी आलोचना की.
हरीश रावत के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने लिखा, ‘भारी बारिश से 36 घंटे पहले अलर्ट जारी किए जाने के उत्तराखंड क्या सुरक्षात्मक कदम उठा रहा था, इस बारे में राज्य सरकार से पूछने के लिए अमित शाह का आभार व्यक्त करता हूं… लेकिन अमित शाह की चेतावनी के बावजूद उत्तराखंड में बारिश के कहर से 36 घंटे पहले तक राज्य सरकार सोती रही.’ यही नहीं, रावत ने पूर्ववर्ती बहुगुणा सरकार के समय की तुलना भी मौजूदा संकट के साथ की.
‘कांग्रेस ने बहुगुणा को हटाया था’
रावत ने अपने बयान में केदारनाथ में आई बाढ़ के समय का ज़िक्र करते हुए धामी सरकार पर सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा, ‘केदारनाथ आपदा के समय कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को पद से हटाया था.’ रावत के इस बयान को साफ तौर पर इस चुनौती के तौर पर समझा जा रहा है कि वह धामी को सरकार के नेता के तौर पर अक्षम बताते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं.
रावत ने कैसे ज़ाहिर की नाराज़गी?
उत्तराखंड बारिश की चेतावनी से पहले सुरक्षात्मक कदमों के बारे में हरीश रावत ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘अतिवृष्टि के लिहाज़ से जो लोग निचले इलाकों में रह रहे थे, वहां से उन्हें हटाए जाने के संबंध में किसी प्रशासनिक अधिकारी और न ही पुलिस को सूचित किया गया.’ आपदा के बाद के हालात के बारे में भी रावत लगातार राज्य सरकार पर आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘आपद प्रभावित इलाकों में पीने के पानी के लिए टैंकर और साफ सफाई तक की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. सच तो यह है कि सरकार बुरी तरह फेल साबित हुई है.’







