
देहरादून, 7 अक्टूबर 2021
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत गुरुवार को एक विरोध मार्च के तहत लखीमपुर खीरी पहुंचेंगे. किसानों की कुचलकर जघन्य हत्या कर दिए जाने की घटना के मद्देनज़र केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त किए जाने और उनके बेटे आशीष मिश्र को गिरफ्तार किए जाने की मांग उत्तराखंड कांग्रेस ने उठाई है. इसी मांग को लेकर राज्य कांग्रेस कार्यकर्ता गुरुवार को बाजपुर से लखीमपुर खीरी तक विरोध मार्च का आयोजन कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इस मार्च के तहत हरीश रावत और कांग्रेसी सीतापुर भी जाएंगे.
कितना बड़ा होगा यह जुलूस?
उत्तराखंड के रामनगर से लखीमपुर खीरी के लिए हरीश रावत के साथ भारी संख्या में कांग्रेसी लखीमपुर खीरी के लिए निकल रहे हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से खबरों में कहा गया कि 1000 से ज़्यादा वाहनों में भरकर कांग्रेसी विरोध मार्च निकालने के लिए कालाडूंगी, बाजपुर और किच्छा होते हुए लखीमपुर पहुंचेंगे. रविवार को यूपी के लखीमपुर में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बुधवार को लखीमपुर पहुंचे थे.
क्यों किया सीतापुर कूच का आह्वान?
हरीश रावत ने रामनगर रोड पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किसानों की हत्या के विरोध में घटनास्थल जा रहीं प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस सीतापुर कूच कर रही है. मिश्र और उनके बेटे पर कार्रवाई और किसान जिनका विरोध कर रहे हैं, उन तीनों कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का दावा करते हुए रावत ने कहा कि भाजपा सरकारें दमनकारी रवैया अपना रही हैं.
‘छह चरणों में आंदोलन’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रावत ने कहा कि केंद्र और यूपी की भाजपा सरकारों के रवैये से लोकतंत्र खतरे में है. कर्मचारियों और अन्य कमज़ोर तबकों की आवाज़ दबाने के लिए एस्मा और रासुका को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. रावत के मुताबिक लोकतंत्र की बहाली के लिए उत्तराखंड में छह चरणों में कांग्रेस पार्टी का आंदोलन जारी है, जिसके दो चरण पूरे हो चुके हैं. यह आंदोलन देहरादून में एक विशाल रैली के साथ संपन्न होगा.







