अल्मोड़ा, 12 दिसंबर 2021

उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Chunav 2022) से पहले अल्मोड़ा की अधिकांश सीटों (Almora Assembly Seat) पर टिकट को लेकर सत्ताधारी बीजेपी और सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए कांग्रेस में घमासान मचा है. कांग्रेस में तीन सीटों को छोड़कर अन्य सभी पर दो से अधिक नेताओं ने दावेदारी कर रखी है. कुछ ऐसा ही हाल यहां बीजेपी का भी है. ऐसे में अब दोनों पार्टियों को बगावत का डर सताने लगा है.

सत्ताधारी बीजेपी में रानीखेत और अल्मोड़ा क्षेत्र में तो आधा दर्जन से अधिक लोग दावेदारी जता रहे हैं, जबकि कांग्रेस में अल्मोड़ा और सल्ट सीट पर ज्यादा घमासान मचा हुआ है. भाजपा अपने आप को अनुशासित पार्टी बताते हुए कहा रही है कि टिकट मांगने अधिकार सभी नेताओं को है.

बीजेपी के अल्मोड़ा जिला अध्यक्ष रवी रौतेला कहते हैं, ‘भारतीय जनता पार्टी में हर कार्यकर्ता टिकट मांग सकता है और टिकट देना पार्टी हाईकमान का अधिकार है. हमारी पार्टी का हर कार्यकर्ता और हर नेता अभी संगठन के साथ काम कर रहा है. टिकट दावेदारों की लंबी लिस्ट है. कोर कमेटी तय करेगी कि कौन प्रत्याशी होगा. पार्टी की सर्वे भी चल रही है और कौन सी सीट हम किस तरह से जीतेंगे इस पर हम लोगों का आकलन चल रहा है. इसके उपरांत ही हम प्रत्याशी को मैदान में उतारेंगे.

उधर कांग्रेस की चुनाव समिति की कमान हरीश रावत के पास है. अब वह टिकट देने की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष के ऊपर छोड़ रहे हैं. जागेश्वर, द्वाराहाट और रानीखेत को छोड़कर अन्य सीटों पर कांग्रेस में दावेदार अधिक है.

हरीश रावत कहते हैं, टिकट वितरण का निर्णय गणेश गोदियाल करेंगे और जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा. वहीं पार्टी के अंदर टिकटों की दावेदारी को लेकर मचे घमासान से जुड़े सवाल पर वह कहते हैं, ‘शुरू में ऐसा होता है, लेकिन एक बार पार्टी का निर्णय हो जाएगा तो मुझे भरोसा है कि सब लोग एक दिशा में चलेंगे.’

राज्य में अभी तक बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही मुख्य मुकाबला लग रहा है. आम आदमी पार्टी भी राज्य में इंट्री कर चुकी है, लेकिन पहाड़ों में अभी तक अपनी पकड़ बनाने में कमजोर नजर आ रही है. आने वाला ही वक्त बताएगा कि टिकट वितरण के बाद भाजपा और कांग्रेस में बागी प्रत्याशी को नुकसान पहुचाएंगे या फिर पार्टियां अपने नेताओं को मनाने में कामयाब होंगी.