वाराणसी. काशी के 28वें दौरे पर वाराणसी (Varanasi) पहुंचे सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पूर्वांचल को 5200 करोड़ की विकास परियाजनाओं की सौगात दी. साथ ही कशी विश्वनाथ की पावन धरती से आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना की शुरुआत की. प्रधानमंत्री ने इस मौके पर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के मुद्दे पर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जो भी पिछली सरकार थी उसने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर नहीं दिया. पिछले सात सालों में उनकी सरकार ने हेल्थ सेक्टर को सुधारने को लेकर कई कदम उठाए हैं, ताकि कोई भी गरीब इलाज के आभाव में दम न तोड़े. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबों को इलाज से वंचित रखा और खुद की तिजोरी भरी.

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमसे पहले जो सरकारे में रहे, उनके लिए स्वास्थ्य सेवा पैसा कमाने, घोटालों का जरिया रही है. गरीब की परेशानी देखकर भी, वो उनसे दूर भागते रहे. आयुष्मान भारत योजना ने 2 करोड़ से अधिक गरीबों का अस्पताल में मुफ्त इलाज भी करवाया है. इलाज से जुड़ी अनेक परेशानियों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के जरिए हल किया जा रहा है. आज केंद्र और राज्य में वो सरकार है जो गरीब, दलित, शोषित-वंचित, पिछड़े, मध्यम वर्ग, सभी का दर्द समझती है. देश में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के लिए हम दिन-रात एक कर रहे हैं.”

आजादी के बाद स्वाथ्य सुविधाओं पर ध्यान नहीं

वाराणसी में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा “आजादी के बाद देश में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उतना ध्यान नहीं दिया गया जितनी जरूरत थी. देश में पहले जिनकी सरकारें थीं उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं से गांव व गरीब को वंचित रखा था. आज गांवों और शहरों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं, जहां बीमारियों को शुरुआत में ही डिटेक्ट करने की सुविधा होगी. इन सेंटरों में फ्री मेडिकल कंसलटेशन, फ्री टेस्ट, फ्री दवा जैसी सुविधाएं मिलेंगी.”

काशी को छोड़ दिया था बेहाल

उन्होंने कहा , “देश के 730 जिलों में इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब्स और देश में चिन्हित 3500 हजार ब्लॉक में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनाई जाएंगी पिछली सरकारों ने काशी को बेहाल छोड़ दिया था. जितना काम बीते कुछ सालों में हुआ है, अगर पिछली सरकारों ने किया होता तो काशी की स्थिति ऐसी नहीं रहती, लेकिन उन्होंने तो काशी को उसके हाल पर छोड़ दिया था.”

आयुष्मान भारत समाधान की तरफ एक कदम

पीएम मोदी ने कहा, “गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 600 से अधिक जिलों में क्रिटिकल केयर से जुड़े 35 हजार से ज्यादा नए बेड तैयार किए जाएंगे. गरीब और मिडिल क्लास में इलाज को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी. आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रा मिशन हेल्थ केयर सिस्टम ने पुरानी सरकारों मे रही कमी को पूरा करने के लिए एक समाधान का रास्ता दिया है. इस स्वास्थ्य योजना का दूसरा पहलू, रोगों की जांच के लिए टेस्टिंग नेटवर्क से जुड़ा है. इस मिशन के तहत, बीमारियों की जांच, उनकी निगरानी कैसे हो, इसके लिए ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा.”