
शाहजहांपुर, 8 दिसंबर 2021
18 दिसम्बर को शाहजहांपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली और गंगा एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कार्यक्रम स्थल का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों की मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे से यूपी की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर पहुंचाने, यहां के प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने के साथ ही इसमें अलग-अलग जनपदों में औद्योगिक कलस्तर विकसित करने की योजना है। औद्योगिक कलस्टर विकसित करने के साथ शाहजहांपुर में इमरजेंसी लैडिंग के लिए एक्सप्रेस-वे पर हवाई पट्टी के विकास की कार्ययोजना को जोड़ा गया। जगह-जगह पेट्रोल पंप, ढाबे, ट्रामा सेंटर भी बनेंगे।
रोजा में मंडी के सामने रेलवे की फील्ड पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 दिसम्बर को प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने के लिए आ रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मध्यप्रदेश और मध्य उत्तर प्रदेश होते हुए पूर्वी यूपी को जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेस की सौगात पीएम देंगे। सीएम बोले-यह देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा। 600 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन के एक्सप्रेस को बढ़ाकर आठ लेन का किया जाएगा। मेरठ से प्रयागराज के बीच यह एक्सप्रेस-वे बनाने की पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है।
36 हजार करोड़ की लागत से बनेगा एक्सप्रेस-वे
- सीएम ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे को बनाने में 36 हजार करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा। जिसके लिए 96 फीसदी लैंड ले चुके हैं। मेरठ, हापुण, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक एक्सप्रेस होगा।
- 7386 हेक्टेयर लेन में 518 ग्राम पंचायतों से इसमें लैंड ली गई। इस पर कार्य शुरू होने जा रहा।
कुछ महत्वपूर्ण स्थलों पर हेलीपैड की व्यवस्था देंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि कुछ महत्वपूर्ण स्थलों पर हेलीपैड की व्यवस्था देंगे। जिससे इमरजेंसी लैडिंग या एयरएम्बुलेंस की दृष्टि से हेलीकाप्टर सेवा के रुप में उपयोग किया जा सकें। उन्होंने बताया कि पीएम की सभा से पहले शाहजहांपुर, बदायूं, हरदोई के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ मीटिंग की।







