
लखनऊ, 8 अक्टूबर 2021
अवैध धर्मांतरण कराने वाले गैंग के बारे में एटीएस को लगातार चौंकाने वाली जानकारियां मिल रही हैं। दिल्ली के बाटला हाउस इलाके में रहने वाले सरफराज अली जाफरी की गिरफ्तारी के बाद एटीएस को पता चला कि यह गैंग धर्मांतरण के उद्देश्य से जाल में फंसा कर लाई गई युवतियों के साथ ‘लिव इन रिलेशन’ में रहने के लिए संप्रदाय विशेष के युवकों को आर्थिक मदद भी दे रहा था।
गैंग का नेटवर्क संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए सरफराज की छह दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड कोर्ट ने मंजूर कर दी है। इस अवधि में एटीएस उससे ‘लिव इन रिलेशन’ में रहने के बाद युवती का धर्मांतरण कराने में सफल रहे युवकों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास करेगी। जाफरी को एटीएस ने गत छह अक्तूबर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश करके पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अनुरोध किया गया। गुरुवार को इस अनुरोध पर सुनवाई करते हुए विशेष न्यायालय (एनआईए/एटीएस) एडीजे तृतीय ने अभियुक्त सरफराज की छह दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड नौ अक्तूबर की सुबह 10 बजे से मंजूर कर दी। पूछताछ के लिए एटीएस मुख्यालय पर टीमों का गठन किया जा चुका है l
एटीएस के अनुसार सरफराज वर्ष 2016 से मौलाना कलीम सिद्दीकी द्वारा संचालित ग्लोबल पीस सेंटर का काम मैनेजर के तौर पर संभाल रहा था। इस सेंटर का प्रमुख कार्य धर्मांतरण संबंधी गतिविधियों का संचालन करना पाया गया। सरफराज के पास मिले दस्तावेजों से पता चला कि वह धर्मांतरण करने वालों की नौकरी व शादी की व्यवस्था भी करता था। साथ ही लिव-इन रिलेशन जैसे मामलों के लिए भी आवश्यक धनराशि की व्यवस्था करता था। उसके पास दावती कैंप, दावती गश्त और दावत यानी धर्मांतरण के लिए नए स्थान चिह्नित करने, धर्मांतरण के लिए चिह्नित स्थानों के लिए प्रचारक आवंटित करना तथा धर्मांतरण संबंधी अभिलेख तैयार कराने की जिम्मेदारी भी संभालता था।







