
लखनऊ, 31 जुलाई 2021
UP में 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों सभी सियासी दलों ने अपनी तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं. केन्द्र में बीजेपी की सहयोगी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) भी अब UP में चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गई है. इसी के मद्देनजर RPI के RPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले तहत आज लखनऊ पहुचे. यहां उन्होंने CM योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर यूपी में बसपा को टक्कर देने के लिए 10 सीटों पर अपनी पार्टी के प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाने की मांग की.
बसपा-सपा पर गरजे अठावले
यूपी में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए अठावले ने 26 सितंबर से बहुजन कल्याण यात्रा भी निकाले जाने का ऐलान कर सपा, बसपा और कांग्रेस के साथ ममता बनर्जी पर भी जमकर निशाना साधा है. केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद आज CM योगी से मुलाकात कर UP के मुस्लिम-दलित बहुल क्षेत्रों में बसपा को टक्कर देने के लिए RPI के प्रत्याशियों को भी चुनाव लड़ाने की मांग की है. इस दौरान राम दास अठावले ने बसपा के जनाधार में लगातार कमी आने की बात कहते हुए जहां अब अपने बलबूते पर मायावती को सत्ता में न आ पाने की बात कही, तो वही सपा और कांग्रेस द्वारा भी यूपी में सरकार न बना पाने के साथ इस बार यूपी में 325 की जगह 375 सीटें आने का दावा किया.
अठावले की मांग – क्षत्रीय समाज को मिले 10 फीसदी आरक्षण
रामदास अठावले ने 2022 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के पक्ष मे माहौल बनाने के लिए 26 सितंबर को गाजियाबाद से बहुजन कल्याण यात्रा की शुरुआत करने का ऐलान कर दिया है. और साथ ही 18 दिसंबर को इसके समापन के मौके पर लखनऊ में एक विशाल जनसभा कर यूपी में अब बीएसपी का विकल्प बनने की बात भी कही है. RPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने उत्तर प्रदेश की सियासत को देखते हुए मोदी सरकार से एक और मांग की है, रामदास अठावने ने महाराष्ट्र में उठी मराठों के आरक्षण की मांग की तर्ज पर क्षत्रिय समाज को भी 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने की मांग की है.
खेला नहीं मेला होबे
अंत में रामदास अठावले ने ममता बनर्जी के 2024 में ‘खेला होबे’ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि 2024 में ‘खेला’ नहीं, नरेन्द्र मोदी का ‘मेला’ होगा. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री के पद तक सीमित रहना चाहिए, प्रधानमंत्री बनने का सपना नही देखना चाहिए.







