लखनऊ, 7 नवंबर 2021

यूपी एटीएस (UP ATS) ने अवैध धर्मांतरण (Religious Conversion) गिरोह के मुखिया उमर गौतम के बेटे अब्दुल्ला को पूछताछ के बाद नोएडा (Noida) से गिरफ्तार कर लिया है. यूपी एटीएस की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक उमर गौतम की की ओर से संचालित अल फारुखी मदरसे – मस्जिद और इस्लामिक दावा सेंटर (आईडीसी) के संचालन का काम अब्दुल्ला देखता था. एटीएस को अब्दुल्ला के बैंक खातों में कई स्रोतों से भारी रकम मिलने के सबूत प्राप्त हुए हैं, यह वही स्रोत हैं जिनसे उमर गौतम को भी रकम मिल रही थी. एटीएस के मुताबिक अब्दुल्ला के विभिन्न बैंक खातों में अब तक 75 लाख रुपये आने के सबूत मिले हैं, जिनमें से 17 लाख रुपये विदेशों से आए हैं.

एटीएस ने अधिकारियों ने बताया कि इस रकम को अब्दुल्ला अपने पिता और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अवैध रूप से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को बांटता था. अब्दुल्ला को अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट का अहम सदस्य बताया जाता है और मौलाना उमर गौतम के अवैध धर्मांतरण के सभी कामों में सहयोगी भी बताया जाता है. यूपी एटीएस के आईजी जीके गोस्वामी ने बताया कि अब्दुल्ला को सक्षम कोर्ट के सामने पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड के प्रयास में जुट गई है. बता दें कि यूपी एटीएस ने अवैध धर्मांतरण से जुड़े गिरोह के 16 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है इनमें मौलाना उमर गौतम, उमर गौतम का बेटा अब्दुल्ला, मौलाना कलीम सिद्दीकी, रामेश्वरम कावड़े उर्फ आदम उर्फ एडम, भूप्रिय बन्दों उर्फ अर्सलान मुस्तफा, कौशर आलम, हाफिज इदरीस शामिल है.

अब तक की जांच में उमर गौतम और उसके साथियों को विदेशों से लगभग 57 करोड़ रुपये हवाला और अन्य माध्यमों से फंडिंग के सबूत मिले हैं, जिसका हिसाब उमर गौतम और उसके साथी नहीं दे पाए हैं. वही मौलाना कलीम के ट्रस्ट के खाते में 22 करोड़ रुपये की फंडिंग के सबूत मिले हैं. एटीएस की जांच में सामने आया है कि आरोपी एडम और कौसर आलम के कब्जे से बरामद इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से यह बात सामने आ रही है. एडम और कौसर जिहाद की हिंसात्मक विचारधारा से भी प्रभावित क्षेत्र हैं. अलकायदा जैसे आतंकी समूहों से जुड़े धार्मिक उपदेशों से भी यह आरोपी प्रभावित रहे हैं.