अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब गंभीर मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की सैन्य संरचना और गुप्त हथियार प्रणालियों से जुड़ी अहम खुफिया जानकारी दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन जानकारियों के बाद अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ कार्रवाई के विकल्प पहले से कहीं अधिक व्यापक और मजबूत हो गए हैं।
पेंटागन ने रखे सैन्य और गैर-सैन्य विकल्प
सूत्रों के अनुसार, पेंटागन ने राष्ट्रपति ट्रंप को बताया है कि ईरान के खिलाफ सिर्फ पारंपरिक हवाई हमले या लंबी दूरी की मिसाइलों तक ही विकल्प सीमित नहीं हैं।
अमेरिका के पास साइबर ऑपरेशन और मनोवैज्ञानिक अभियानों जैसे गैर-सैन्य विकल्प भी मौजूद हैं, जिन्हें पारंपरिक सैन्य कार्रवाई के साथ या अलग-अलग तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
ईरान में तेज हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन
CBS News की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं। रक्षा विभाग के दो अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि प्रस्तावित साइबर और मनोवैज्ञानिक अभियानों का उद्देश्य ईरान की कमान संरचना, संचार व्यवस्था और सरकारी मीडिया नेटवर्क को बाधित करना हो सकता है।
हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि साइबर हमलों में किन डिजिटल ढांचों को निशाना बनाया जाएगा या मनोवैज्ञानिक अभियानों की रणनीति क्या होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक किसी भी विकल्प पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और कूटनीतिक रास्ते खुले हुए हैं।
‘बहुत मजबूत विकल्पों’ पर विचार कर रहा अमेरिका
राष्ट्रपति ट्रंप पिछले कुछ हफ्तों से लगातार चेतावनी देते आ रहे हैं कि अगर ईरान में सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रही, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है।
11 जनवरी 2026 को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा था कि ईरानी नेतृत्व बातचीत में रुचि दिखा रहा है, लेकिन अमेरिकी सेना “कुछ बहुत मजबूत विकल्पों” पर विचार कर रही है।
व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक
आज यानी 13 जनवरी 2026 को ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम व्हाइट हाउस में एक अहम बैठक करने जा रही है। इस बैठक में ईरान को लेकर नए सैन्य और कूटनीतिक विकल्पों पर चर्चा होगी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप खुद इस बैठक में शामिल होंगे या नहीं।
कूटनीति पहली प्राथमिकता, लेकिन सैन्य विकल्प खुले
12 जनवरी 2026 को व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति जरूरत पड़ने पर सैन्य विकल्पों का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा,
“हवाई हमले कमांडर-इन-चीफ के पास मौजूद कई विकल्पों में से एक हैं।”
साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि कूटनीति हमेशा अमेरिका की पहली प्राथमिकता रहेगी, हालांकि ईरानी शासन के सार्वजनिक बयानों और निजी संवादों में स्पष्ट अंतर देखा जा रहा है।
ईरान में हालात गंभीर, 544 मौतों का दावा
ईरान के सभी 31 प्रांतों में पिछले दो हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं।
Human Rights Activists News Agency (HRANA) के अनुसार, अब तक कम से कम 544 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकांश मौतें गोली लगने या बेहद नजदीक से दागी गई पेलेट गन के कारण हुई हैं।
इंटरनेट बंद, सरकारी मीडिया पर भी सवाल
पिछले हफ्ते तेहरान में इंटरनेट और फोन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थीं।
11 जनवरी 2026 को ईरानी सरकारी मीडिया ने एक इलाके में स्थित मॉर्ग के बाहर बड़ी संख्या में शवों का वीडियो प्रसारित किया। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सरकार की ओर से हिंसा के लिए “कट्टरपंथी तत्वों” को जिम्मेदार ठहराने और जनभावनाओं को नियंत्रित करने की कोशिश हो सकता है।




