
मुंबई, 10 अप्रैल 2021
पूरे देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर फिर से आ गई है। इस बार भी महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है, जहां पर संक्रमित मरीजों की संख्या रोजाना रिकॉर्ड तोड़ रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक की। जिसमें देवेंद्र फडणवीस समेत कई दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में सीएम ने साफ किया कि राज्य के हालात सही नहीं है, ऐसे में उन्हें लॉकडाउन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं दिख रहा है।
सीएम उद्धव के मुताबिक 15 से 20 अप्रैल के बीच परिस्थितियां सबसे ज्यादा खराब होंगी, जहां कोरोना के मामले अपने उच्चतम स्तर पर होंगे। इसके अलावा कोरोना ट्रांसमिशन की चेन तोड़नी जरूरी है। जिस वजह से लॉकडाउन लगाने का वक्त नजदीक आ गया है। हालांकि सीएम ने ये भी माना कि ट्रांसमिशन चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि कई देशों ने इस तरह के निर्णय लिए हैं, जो लॉकडाउन के बेहतर विकल्प के रूप में काम कर रहा है। इस बार युवा पीढ़ी महामारी की चपेट में ज्यादा आ रही है, जिस पर भी सीएम ने चिंता जाहिर की है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री बाला साहेब थोरात ने सीएम की बातों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर जनता की जान बचाने के लिए कड़े कदम लेने पड़ते हैं, तो आप उसे लीजिए। हम उसमें साथ देंगे। वहीं कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि अब वक्त कड़वे फैसले लेने का आ गया है, लेकिन लॉकडाउन लगाने से पहले गरीबों को बारे में सोचना चाहिए।
एक दिन में 300 लोगों की मौत
महाराष्ट्र में शुक्रवार को 58993 नए मरीज सामने आए, जबकि 301 लोगों की मौत हुई। इसके साथ ही राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 32,88,540 हो गई है। जिसमें से 26,95,148 ठीक हो चुके हैं, जबकि 57,329 की मौत हुई है। ऐसे में राज्य में एक्टिव केस की संख्या 5,34,603 है।







