नई दिल्ली, 19 मई 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत को बदनाम करने के मकसद से तैयार कथित टूलकिट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी घमासान जारी है। कांग्रेस ने बुधवार को बीजेपी पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह मोदी सरकार की नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए ‘फर्जी टूलकिट’ को मुद्दा बना रही है। पार्टी ने सत्ताधारी दल पर आरोप लगाया है कि उसने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर कांग्रेस के असली टूलकिट को जालसाजी से कोविड-19 का दस्तावेज बनाकर पेश किया है। इस मसले पर ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा को जेल भेजने तक की धमकी दी है।

‘संबित पात्रा को जेल जाना पड़ेगा…..इसी वजह से बेचैन हैं’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को नुकसान पहुंचाने के मकसद से कांग्रेस के कथित टूलकिट को लेकर बीजेपी के दावों पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने दावा कहा है, ‘स्पष्ट जालसाजी और ध्यान भटकाने का एजेंडा और एजेंडा सेट करने के लिए इसका इस्तेमाल उजागर हो गया है। मैं समझता हूं कि डॉक्टर संबित पात्रा को जेल जाना पड़ेगा और वो इसी वजह से बेचैन हैं……….और इस मेटाडेटा को लेकर वह बकवास कर रहे हैं, हमने कल स्पष्ट कर दिया था कि सेंट्रल विस्टा का दस्तावेज हमारा है।’ उनकी दलील थी कि असली दस्तावेज के मेटाडेटा को एक जाली दस्तावेज को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

पीएम मोदी को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाया था

इससे पहले संबित पात्रा ने दावा किया था कि टूलकिट के मेटाडेटा में उसे तैयार करने वाले के बारे में मूलभूत जानकारी है। जैसे कि उस दस्तावेज का ऑथर, शुरू करने की तारीख, फाइल साइज, जिससे कि साबित होता कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी में काम करने वाला एक शख्स उस विवादित दस्तावेज के पीछे है, जिसे ‘प्रधानमंत्री की छवि तबाह करने वाला’ कहा गया है। दरअसल,बीजेपी ने मंगलवार को जिस तरह से कथित टूलकिट के पीछे कांग्रेस पार्टी के हाथ होने का आरोप लगाया था, उसके खिलाफ कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, पार्टी के संगठन मंत्री बीएल संतोष और पात्रा के खिलाफ ‘जाली और फर्जी दस्तावेज’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करने को लेकर ई-मेल के जरिए शिकायत दर्ज कराई थी।

कौन हैं सौम्या वर्मा, पात्रा ने बताया

कांग्रेस की ओर से पार्टी नेताओं पर पुलिस शिकायत के जवाब में पात्रा ने बुधवार को फिर से ट्विटर का सहारा लिया और उस कथित टूलकिट के पीछे सौम्या वर्मा का हाथ बताया, जो कि कांग्रेस के रिसर्च डिपार्टमेंट से जुड़ी हैं। उन्होंने, कथित टूलकिट से संबंधित स्क्रीनशॉट के साथ लिखा है, ‘कल कांग्रेस जानना चाहती थी कि इस टूलकिट का ऑथर कौन है। इस दस्तावेज की प्रोपर्टी चेक कीजिए। ऑथर- सौम्या वर्मा। सौम्या वर्मा कौन……सबूत खुद गवाही दे रहे हैं…..क्या सोनिया गांधी और राहुल गांधी जवाब देंगे ?’ दरअसल, सबूत के तौर पर पात्रा ने जो स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं उसमें सौम्या वर्मा का नाम स्पष्ट तौर पर दिख रहा है और साथ ही फाइल का नाम ‘सेंट्रल_विस्टा_वैनिटी_प्रोजेक्ट_एआईसीसी_रिसर्च’ भी नजर आ रहा है। (संबित पात्रा के ट्वीट से लिया गया स्क्रीनशॉट)

कौन सच्चा, कौन झूठा ?

उधर कांग्रेस के रिसर्च सेल के हेड राजीव गौड़ा ने कहा है कि ‘एक चिज स्पष्ट कर दें। हमने सेंट्रल विस्टा पर पार्टी के लिए एक रिसर्च नोट तैयार किया था। यह सही और तथ्यों पर आधारित है। मैंने कल ट्वीट किया था कि ‘कोविड-19 टूलकिट’ जाली और बीजेपी का बनाया हुआ है। पात्रा असली दस्तावेज का मेटाडेटा/ऑथर दिखा रहे हैं और इसे एक जाली दस्तावेज के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।’ मजे की बात ये है कि सुबह-शाम पीएम मोदी और उनकी सरकार के खिलाफ ट्वीट करने वाले पार्टी नेता राहुल गांधी इस टूलकिट विवाद में सीधे कुछ भी भी नहीं कह रहे हैं और घुमा फिराकर भाजपा पर सच छिपाने और झूठ फैलाने का आरोप लगा रहे हैं।