बिहार की राजनीति में एक अहम संगठनात्मक फैसले के तहत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने नेतृत्व ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह निर्णय पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया, जहां मौजूद सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में रखा गया प्रस्ताव
RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा के बाद बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने एकमत से इसे मंजूरी दी, जिसके बाद तेजस्वी यादव की नियुक्ति पर औपचारिक मुहर लग गई। इस फैसले को पार्टी के भीतर नेतृत्व की निरंतरता और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने की कवायद
तेजस्वी यादव की यह नई भूमिका RJD को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने संगठन को अधिक सक्रिय और केंद्रीकृत करने की रणनीति अपनाई है। तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से पार्टी के निर्णय-निर्माण और चुनावी रणनीति में उनकी भूमिका और प्रभाव बढ़ेगा।
बैठक में मौजूद रहे दिग्गज नेता
पटना के होटल मौर्या में आयोजित RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक का माहौल संगठनात्मक मजबूती और आने वाले राजनीतिक संघर्षों की तैयारी को लेकर गंभीर और रणनीतिक रहा।
RJD नेताओं के बयान
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को लेकर RJD विधायक रणविजय साहू ने पार्टी की विचारधारा पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल कार्यकर्ताओं की पार्टी है, जिसकी जड़ें अंबेडकर, लोहिया, कर्पूरी ठाकुर और लालू प्रसाद यादव के विचारों में हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बिहार की स्थिति चिंताजनक है, जहां कानून-व्यवस्था, पलायन और महिलाओं-लड़कियों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
राजनीतिक संकेत और आगे की दिशा
तेजस्वी यादव की नियुक्ति को केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि RJD के भविष्य की राजनीतिक दिशा के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर यह संदेश देने की कोशिश है कि युवा नेतृत्व के साथ RJD राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को और मजबूती से निभाने के लिए तैयार है। आने वाले समय में यह फैसला बिहार की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी RJD की सक्रियता और प्रभाव को बढ़ा सकता है।




