द फ्रंट डेस्क: टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने आखिरी और सबसे अहम चरण में पहुंच चुका है। सुपर-8 मुकाबलों ने सेमीफाइनल की तस्वीर लगभग साफ कर दी है। ग्रुप-1 से दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन के दम पर टॉप-4 में जगह पक्की कर ली है। मजबूत नेट रन रेट और लगातार जीत ने उन्हें ग्रुप में शीर्ष पर बनाए रखा है। अब निगाहें 1 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक Eden Gardens में होने वाले भारत बनाम वेस्टइंडीज मुकाबले पर टिकी हैं। यही मैच ग्रुप-1 की दूसरी सेमीफाइनलिस्ट टीम का फैसला करेगा।
भारत के लिए क्या है समीकरण?
भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खाते में फिलहाल 2 मैचों के बाद 2 अंक हैं। वेस्टइंडीज भी इतने ही अंकों के साथ मैदान में उतरेगी। ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद अहम बन गया है। अगर भारत यह मैच जीतता है, तो उसके 4 अंक हो जाएंगे और वह ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहकर सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। लेकिन हार की स्थिति में टीम इंडिया का सफर यहीं समाप्त हो सकता है। यानी यह मुकाबला किसी क्वार्टरफाइनल से कम नहीं है। दबाव, रणनीति और प्रदर्शन तीनों का संतुलन ही परिणाम तय करेगा।

सेमीफाइनल में किससे होगी टक्कर?
आईसीसी के नियमों के मुताबिक, ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम का सामना ग्रुप-2 की शीर्ष टीम से होगा। ग्रुप-2 में इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने अब तक अपने तीनों मुकाबले जीतकर पहला स्थान मजबूत कर लिया है। ऐसे में अगर भारत ग्रुप-1 से क्वालिफाई करता है, तो सेमीफाइनल में उसकी भिड़ंत इंग्लैंड से होना लगभग तय है। यह रोमांचक मुकाबला 5 मार्च को मुंबई के प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। घरेलू मैदान पर खेलना भारत के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन सामने मजबूत इंग्लैंड की चुनौती होगी।
2022 का हिसाब?
गौरतलब है कि 2022 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भी भारत और इंग्लैंड आमने-सामने थे, जहां इंग्लैंड ने जीत दर्ज की थी। अगर इस बार दोनों टीमें फिर भिड़ती हैं, तो यह मुकाबला सिर्फ फाइनल का टिकट ही नहीं, बल्कि पुराने हिसाब चुकता करने का मौका भी होगा। भारतीय टीम के पास पिछली हार का बदला लेने और इतिहास बदलने का सुनहरा अवसर होगा।

क्या कहता है टूर्नामेंट का ट्रेंड?
टी20 फॉर्मेट की खासियत यही है कि यहां छोटे-छोटे पल पूरे मैच की दिशा बदल देते हैं। एक ओवर की आक्रामक बल्लेबाजी, बीच के ओवरों में अहम साझेदारी या फिर निर्णायक कैच ये सभी नतीजे तय कर सकते हैं। India national cricket team के पास बड़े टूर्नामेंट का अनुभव और घरेलू परिस्थितियों का फायदा है, जबकि England cricket team जैसी टीम आक्रामक मानसिकता और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरती है। ग्रुप-1 से दक्षिण अफ्रीका पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, लेकिन दूसरी टीम की तस्वीर 1 मार्च के मुकाबले के बाद पूरी तरह साफ होगी।
भारत के लिए तस्वीर पूरी तरह साफ है जीतेंगे तो सेमीफाइनल, हारेंगे तो टूर्नामेंट से बाहर। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होने वाला यह मुकाबला सिर्फ अंक तालिका का नहीं, बल्कि दबाव झेलने और मानसिक मजबूती दिखाने की असली परीक्षा है। अगर टीम इंडिया यह बाधा पार कर लेती है, तो 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल तय होगा जहां 2022 की हार का बदला लेने का मौका भी रहेगा। अब नजरें 1 मार्च पर हैं कि क्या भारत टॉप-4 में जगह बना पाएगा?




