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बजट पेश होते ही STT बढ़ा, बाजार टूटा: क्या है सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स और निवेशकों को क्यों लगा झटका?

बजट पेश होते ही STT बढ़ा, बाजार टूटा: क्या है सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स और निवेशकों को क्यों लगा झटका?

Budget 2026 में Securities Transaction Tax (STT) को लेकर किए गए एक ऐलान ने शेयर बाजार में हलचल मचा दी। बजट भाषण के दौरान जैसे ही STT बढ़ाने की बात सामने आई, वैसे ही बाजार में बिकवाली तेज हो गई और सेंसेक्स–निफ्टी बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए।


STT क्या होता है?

STT यानी सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स वह टैक्स है, जो सरकार शेयर बाजार में होने वाले हर सौदे पर लगाती है।
जब कोई निवेशक शेयर, इक्विटी म्यूचुअल फंड या डेरिवेटिव्स (F&O) में खरीद-बिक्री करता है, तो यह टैक्स अपने-आप कट जाता है।


बजट के बाद शेयर बाजार क्यों टूटा?

लोकसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने Futures & Options (F&O) सेगमेंट में STT बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
इस ऐलान के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई और बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली।

  • सेंसेक्स करीब 2300 अंक तक गिरा
  • निफ्टी में 500 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई

STT में क्या बदलाव किया गया?

बजट प्रस्ताव के मुताबिक—

  • F&O ट्रेडिंग पर STT 0.05% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया
  • इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लागत बढ़ गई

सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद बाजार में बढ़ती सट्टेबाजी को नियंत्रित करना है।


निवेशकों पर इसका क्या असर पड़ा?

STT बढ़ने का सबसे ज्यादा असर शॉर्ट-टर्म और F&O ट्रेडर्स पर पड़ा है।

  • ट्रेडिंग महंगी हो गई
  • हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग पर दबाव बढ़ा

हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि लॉन्ग-टर्म निवेशकों पर इसका असर सीमित रहेगा।


सरकार का क्या कहना है?

सरकार के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में F&O ट्रेडिंग में तेज़ और असामान्य बढ़ोतरी हुई है।
STT बढ़ाकर बाजार को ज्यादा स्थिर और कम सट्टात्मक बनाने की कोशिश की जा रही है।


आगे बाजार का रुख क्या रहेगा?

बाजार जानकारों का कहना है कि शुरुआती झटके के बाद बाजार धीरे-धीरे स्थिर हो सकता है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे घबराहट में फैसले न लें और जोखिम को समझकर निवेश करें।


सर्किट लिमिट क्या होती है?

अगर किसी शेयर की कीमत एक दिन में तय सीमा से ज्यादा ऊपर या नीचे चली जाती है, तो उस पर अपर या लोअर सर्किट लग जाता है।
उदाहरण के तौर पर, BSE में Angel One के शेयर पर 10% का लोअर सर्किट लगा और कीमत करीब ₹11 गिर गई।


F&O ट्रेडिंग में STT कैसे लगता है?

  • Futures:
    सेल वैल्यू पर 0.0125% STT
  • Options:
    प्रीमियम (Sell Value) पर 0.0625% STT

क्या खरीद पर STT लगता है?

  • F&O में STT केवल बेचते समय लिया जाता है
  • खरीद पर STT नहीं लगता
  • यह टैक्स एक्सचेंज अपने-आप काट लेता है

सरल शब्दों में कहें तो F&O ट्रेडिंग में STT एक वन-साइडेड टैक्स है।

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