छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित रियल इस्पात एंड स्टील संयंत्र में हुए भीषण ब्लास्ट में बिहार के छह मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को हुआ। ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर घायल हो गए।
गया जिले के एक ही गांव के थे सभी मृतक
हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूर बिहार के गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र के गोटीबांध गांव के रहने वाले थे। एक ही गांव के छह लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतकों की पहचान
मृत मजदूरों की पहचान इस प्रकार की गई है—
श्रवण कुमार (22), जितेंद्र कुमार (37), बद्री भुइयां (42), राजदेव कुमार (22), विनय भुइयां (40) और सुंदर भुइयां (40)।
सभी मजदूर ठेके के माध्यम से स्टील प्लांट में काम कर रहे थे।
परिजनों ने ठेकेदार पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद परिजनों ने गांव से मजदूरों को काम पर भेजने वाले ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि न तो सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे और न ही मजदूरों को किसी तरह की जानकारी या प्रशिक्षण दिया गया था। उन्होंने सरकार से दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है।
CM नीतीश कुमार ने जताया शोक
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताया है। उन्होंने मृतक मजदूरों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि बिहार के प्रत्येक मृतक मजदूर के परिजन को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं हादसे में घायल बिहार के मजदूरों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
घायलों के इलाज और शव लाने के निर्देश
नीतीश कुमार ने स्थानिक आयुक्त, नई दिल्ली को निर्देश दिए हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार से समन्वय कर घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही मृतकों के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक बिहार लाने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाए।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का बयान
इस घटना पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि बलौदाबाजार जिले के स्पंज आयरन प्लांट में हुए विस्फोट में मजदूरों की मौत की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि मृतकों में उनके संसदीय क्षेत्र के लोग भी शामिल हैं और वे जल्द ही पीड़ित परिवारों से मिलेंगे।
जांच के आदेश, सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
फिलहाल प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा और ठेका प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




