मंगलवार को शेयर बाजार में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। जून 2024 के बाद यह एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। वजह बनी कंपनी की वह सफाई, जिसमें उसने जामनगर रिफाइनरी को रूसी कच्चे तेल की खेप भेजे जाने से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज किया। इस बयान के बाद बाजार में निवेशकों का भरोसा डगमगा गया और रिलायंस की मार्केट वैल्यूएशन एक ही दिन में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गई।
क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ दिनों से बाजार में यह चर्चा थी कि रिलायंस इंडस्ट्रीज रूस से कच्चा तेल खरीद रही है। ब्लूमबर्ग ने शिपिंग डेटा फर्म केप्लर के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि रूसी कच्चे तेल से लदे तीन जहाज दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी जामनगर की ओर बढ़ रहे हैं। इसी बीच 5 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर नाराजगी जताई और अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी।
रिलायंस की सफाई और बाजार की प्रतिक्रिया
इन बयानों के कुछ घंटों बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सफाई जारी की। कंपनी ने कहा कि उसने पिछले तीन हफ्तों से रूस से कोई कच्चा तेल नहीं खरीदा है और जनवरी में भी किसी खेप के आने की उम्मीद नहीं है। साथ ही कंपनी ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह गलत बताया।
लेकिन बाजार ने इस सफाई को सकारात्मक रूप में नहीं लिया। निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी और रिलायंस के शेयरों में जोरदार बिकवाली शुरू हो गई।
डेढ़ साल की सबसे बड़ी गिरावट
मंगलवार को बीएसई पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 5 फीसदी टूटकर 1,497.05 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। यह 4 जून 2024 (लोकसभा चुनाव नतीजों वाले दिन) के बाद सबसे बड़ी गिरावट है।
शेयर अपने 50-दिनों के मूविंग एवरेज से भी नीचे फिसल गया।
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शेयर का ओपनिंग प्राइस: 1,575.55 रुपये
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पिछले दिन का क्लोजिंग: 1,577.45 रुपये
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दोपहर 1:40 बजे भाव: करीब 1,503.50 रुपये
रिलायंस निफ्टी-50 पर सबसे ज्यादा दबाव डालने वाला शेयर रहा, जिससे इंडेक्स में लगभग 82 अंकों की गिरावट आई। सेंसेक्स भी करीब 485 अंकों तक टूट गया।
एक दिन में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान
शेयरों में इस भारी गिरावट से रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट कैप में जबरदस्त गिरावट आई।
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सोमवार को मार्केट कैप: 21,34,679.89 करोड़ रुपये
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मंगलवार को घटकर: 20,25,878.81 करोड़ रुपये
यानी एक ही कारोबारी सत्र में कंपनी की वैल्यूएशन से करीब 1,08,800 करोड़ रुपये साफ हो गए।
कंपनी ने क्या कहा?
रिलायंस ने अपने बयान में कहा कि जामनगर रिफाइनरी को पिछले तीन हफ्तों में रूस से कोई कच्चा तेल नहीं मिला है और जनवरी में भी ऐसी कोई डिलीवरी अपेक्षित नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि उसके खंडन को नजरअंदाज किए जाने से एक गलत रिपोर्ट प्रकाशित हुई, जिससे उसकी छवि को नुकसान पहुंचा।
रूस से तेल आयात में गिरावट
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस द्वारा रूसी कच्चे तेल का आयात रोकने के बाद जनवरी में भारत के रूस से तेल आयात में और गिरावट आ सकती है। अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के कड़े प्रतिबंधों के चलते रूस से तेल की सप्लाई पहले ही धीमी हो चुकी है। दिसंबर में यह आयात घटकर करीब 12 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया, जो जून के लगभग 20 लाख बैरल प्रतिदिन के स्तर से करीब 40 फीसदी कम है।




