देहरादून, 3 सितम्बर 2021

उत्तराखंड में चुनावी राजनीति का मौसम शुरू हो गया है क्योंकि शुक्रवार को ही सत्तारूढ़ भाजपा अपना चुनावी अभियान शुरू कर रही है, तो विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी चुनाव प्रचार के लिए ‘परिवर्तन यात्रा’ का आगाज़ कर दिया है. ऊधमसिंह नगर ज़िले के कस्बे खटीमा से कांग्रेस ने परिवर्तन यात्रा का शुभारंभ किया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल मौजूद रहे. कार्यकर्ताओं व समर्थकों की भारी भीड़ के साथ शुरू हुई इस यात्रा से कुछ घंटों पहले हरीश रावत ने यह कहकर सनसनी भी फैलाई कि कांग्रेस की इस यात्रा में राजनीतिक विद्वेष के चलते विरोधी तेज़ाब हमला कर सकते हैं.

हरीश रावत ने गुरुवार देर रात ट्विटर पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि परिवर्तन यात्रा के दौरान कांग्रेस के नेताओं पर स्याही में तेज़ाब मिलाकर फेंके जाने की आशंका है. उन्होंने इस आशंका के पीछे दो सूत्रों से मिली सूचना को कारण बताया. वहीं, शुक्रवार को उन्होंने परिवर्तन यात्रा के प्रयोजन के बारे में बताते हुए इस यात्रा को मुख्य तौर पर दिल्ली के बॉर्डर पर पिछले कई महीनों से केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को समर्पित किया.

रावत ने उठाए कई मुद्दे : परिवर्तन यात्रा की शुरुआत के बारे में​ सोशल मीडिया पर लिखते हुए रावत ने कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को निशाना बनाया. अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि परिवर्तन यात्रा ‘सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रही महंगाई’ के विरोध में खड़े लोगों को समर्पित है, जिनके लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शौर्य के साथ आवाज़ उठा रहे हैं. वहीं, रसोई गैस के बढ़ते दामों और उत्तराखंड में बेरोज़गारी की मार झेल रहे युवाओं की आवाज़ भी रावत ने अपनी पोस्ट में उठाई

यात्रा शुरू होने से पहले : कांग्रेस की चुनावी यात्रा के आगाज़ से पहले दो महत्वपूर्ण बातें हुईं. एक तो गुरुवार देर रात रावत ने ट्विटर के ज़रिये लिखा, ‘राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते कांग्रेस नेताओं की यात्रा में किसी व्यक्ति को निशाना बनाकर स्याही में तेज़ाब मिलाकर फेंका गया, तो यह उत्तराखंड की राजनीति में कलंक का अध्याय होगा, निंदनीय प्रयास होगा… मैं इस सूचना को प्रशासनिक एजेंसियों, पुलिस और राजनीतिक दलों के साथ साझा कर रहा हूं और ‘मां पूर्णागिरि’ से प्रार्थना है कि ऐसा न हो.’

शहीदों को नमन : रावत के इस बयान के बाद काफी सनसनी फैली और समर्थकों ने इसके लिए विभिन्न राजनीति पार्टियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. दूसरी तरफ, परिवर्तन यात्रा से पहले खटीमा में रावत समेत कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों की याद में स्थापित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि दी. इस शहीद स्मारक को प्रतीक बताकर कांग्रेस ने चुनावी अभियान शुरू किया.