महानगरपालिका चुनाव: ‘जहां मिले फर्जी वोटर, वहां धुलाई होगी’, संजय राउत का खुला ऐलान

महाराष्ट्र में होने वाले महानगरपालिका चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत के बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। राउत ने दावा किया है कि अगर मतदान के दौरान डुप्लीकेट या बोगस वोटर पाए गए, तो शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर उनसे सख्ती से निपटेंगे।


29 महानगरपालिकाओं में 15 जनवरी को मतदान

महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में 15 जनवरी को मतदान होना है। सभी राजनीतिक दल चुनावी तैयारियों में जुटे हैं। इसी बीच संजय राउत ने फर्जी वोटिंग को लेकर बड़ा बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है।


‘जहां डुप्लीकेट वोटर दिखे, वहां हमारे लोग पहुंचेंगे’

मंगलवार सुबह प्रेस वार्ता में संजय राउत ने कहा,
“बोगस वोटर्स को हम ठोक देंगे। हमने 5,000 लोग तैयार किए हैं। जहां भी डुप्लीकेट वोटर आएगा, हमें खबर मिलेगी और हमारे लोग वहां पहुंचकर ऐसे लोगों की धुलाई कर देंगे।”

उनका कहना था कि फर्जी वोटिंग किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।


बीजेपी–शिंदे गुट पर पैसे बांटने का आरोप

राउत ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बीजेपी और शिंदे गुट के लोग पैसे बांट रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा,
“जहां शिंदे गुट के लोग पैसा बांट रहे हैं, वहां बीजेपी के लोग उन्हें मार रहे हैं और जहां बीजेपी के लोग पैसा बांट रहे हैं, वहां शिंदे गुट के लोग उन्हें मार रहे हैं। हमने यह जिम्मेदारी उन्हीं पर छोड़ दी है।”


अन्नामलाई के बयान पर भी भड़के

बीजेपी नेता के. अन्नामलाई के ‘मुंबई को बॉम्बे कहने’ वाले बयान पर भी संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, “अगर आपको मुंबई को बॉम्बे ही कहना है, तो तमिलनाडु वापस चले जाइए। अन्नामलाई कौन हैं? तमिलनाडु में भी उन्हें कोई नहीं जानता।”


देवेंद्र फडणवीस पर भी हमला

संजय राउत ने देवेंद्र फडणवीस को निशाने पर लेते हुए कहा कि शिवसेना की स्थापना को 60 साल हो चुके हैं और मराठी अस्मिता का मुद्दा उतना ही पुराना है।
उन्होंने कहा, “बालासाहेब ठाकरे ने आपकी पार्टी को महाराष्ट्र में खड़ा किया। अगर मराठी मानुस को किसी से सबसे बड़ा खतरा है, तो वह बीजेपी से है। इसलिए हमारी सीधी लड़ाई उन्हीं से है।”


बयान से बढ़ी सियासी गरमी

महानगरपालिका चुनाव से ठीक पहले संजय राउत के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग और प्रशासन इस बयान पर क्या रुख अपनाते हैं।

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