मिलिए स्वदेशी रोबोडॉग PARAM से, जानिये चीन से Unitree Go2 से कितना बेहतर ?

द फ्रंट डेस्क : India AI Impact Summit 2026 में उस वक्त विवाद खड़ा हो गया जब Galgotias University के स्टॉल पर प्रदर्शित रोबोट डॉग को लेकर सवाल उठने लगे. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद दावा किया गया कि जिसे भारतीय प्रोजेक्ट की तरह दिखाया जा रहा था, वह असल में चीन की कंपनी Unitree Robotics का मॉडल था. बहस सिर्फ एक रोबोट तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस बात पर आकर टिक गई कि क्या हम विदेशी तकनीक को अपना बताकर पेश कर रहे हैं या सच में अपनी तकनीक विकसित कर रहे हैं.

इसी बहस के बीच एक दूसरा नाम तेजी से सामने आया — PARAM. बेंगलुरु की स्टार्टअप General Autonomy द्वारा विकसित यह रोबोट डॉग पूरी तरह भारत में डिजाइन और तैयार किया गया है. PARAM सीढ़ियां चढ़ सकता है, असमतल जमीन पर चल सकता है और खुद संतुलन बना सकता है. इसे ऐसे समय में पेश किया गया जब देश में आत्मनिर्भर तकनीक को लेकर सवाल उठ रहे थे, इसलिए यह सिर्फ एक मशीन नहीं बल्कि एक जवाब की तरह देखा गया.

Unitree Go2 vs PARAM
🔹 Unitree Go2 (चीनी मॉडल)

Go2 एक एडवांस्ड quadruped रोबोट है जिसे Unitree Robotics ने बनाया है. इसका वजन लगभग 15 kg है और इसमें 4D LiDAR L1 आधारित नेविगेशन और ऑब्जेक्ट डिटेक्शन सिस्टम है. यह रोबोट खुद से रास्ता पहचान सकता है, गति कर सकता है, step climb कर सकता है और कई प्रकार के गमन तरीके अपना सकता है. Go2 कई अलग-अलग वेरिएंट में उपलब्ध है जो AI और mapping को समर्थन देते हैं.

यह मॉडल अपेक्षाकृत हल्का, तेजी से मोबाइल और autonomous नेविगेशन क्षमता वाला है, इसलिए यह शिक्षा, रिसर्च और विविध निगरानी कार्यों में लोकप्रिय है.

🔹 PARAM (भारतीय विकास)

PARAM भारत में पूरी तरह विकसित किया गया क्वाड्रुपेड रोबोट डॉग है जो वास्तविक-विश्व स्थितियों में उपयोग की संभावनाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है. यह असमान सतहों पर चल सकता है, obstacles पहचान सकता है और autonomous movement प्रदर्शन करता है. साथ ही इसका payload और स्थानिक क्षमता Go2 की तुलना में अधिक robuste होने का दावा किया जाता है.

PARAM को Made-in-India तकनीक के उदाहरण के रूप में पेश किया जा रहा है, जो दर्शाता है कि भारत पहले से ही advanced robotics में आत्मनिर्भर क्षमता रखता है, न कि सिर्फ imported या दूसरा बाजार के उत्पादों का उपयोग करता है.

कौन आगे?

दोनों रोबोट अलग-अलग प्राथमिकताओं के साथ विकसित हुए हैं. Go2 जहां रिसर्च और एडवांस्ड नेविगेशन डेमो के लिए जाना जाता है, वहीं PARAM का फोकस अधिक फील्ड-रेडी, लंबी अवधि और ज्यादा भार वहन करने वाले उपयोगों पर दिखता है.

PARAM सिर्फ एक तकनीकी उत्पाद नहीं, बल्कि इस सवाल का जवाब भी है कि क्या भारत हाई-एंड रोबोटिक्स सिस्टम खुद बना सकता है.

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