हरिद्वार, 26 मार्च 2021

महाकुंभ मेले के लिए उत्तराखंड सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, कुंभ एक अप्रैल से शुरू होकर 30 अप्रैल तक चलेगा। तो वहीं, महाकुंभ में स्नान करने के लिए श्रद्धालु देश ही नहीं, बल्कि विदेश से भी हरिद्वार पहुंच रहे है। तो वहीं, आज हम आपकों वो तिथियां बताने जा रहे है, जिन तिथियों में स्नान कर आपको कई जन्मों का पुण्य प्राप्त हो सकता है।

हालांकि, कुंभ के महीनों में श्रद्धालु कभी भी गंगा में डुबकी लगा पुण्य की प्राप्ती कर सकते है। लेकिन कुछ तिथियां बेहद खास होती है, जिस दिन स्नान करने का अपना ही अगल महत्व होता है। खास बात ये है कि इन तिथियों का 12 वर्षों तक हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों को इंतजार रहता है। अप्रैल मास में ऐसे पांच स्नान हैं जिन्हें विशेष स्नान का दर्जा हासिल है। मेले की तैयारियों में लगे उप मेला अधिकारी हरबीर सिंह के मुताबिक, विशेष स्नान की पांच तारीखें तय हैं, जिनमें से तीन शाही स्नान हैं। इनकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए इन स्नानों को कराया जाएगा।

12 अप्रैल को चैत्र-सोमवती अमावस्या ​शाही स्नान

हरिद्वार महाकुंभ का पहला शाही स्नान 11 मार्च को चुका है। लेकिन दूसरा शाही स्नान 12 अप्रैल 2021 को चैत्र अमावस्या और सोमवती अमावस्या के दिन होगा। मान्यता है कि अमावास्या के दिन स्नान और दान करने से बड़ा पुण्य प्राप्त होता है। इस दिन पितरों का तर्पण-पिंडदान भी किया जाता है।

तो वहीं, 13 अप्रैल को नव सम्वत्सर स्नान होगा। इस दिन को महाकुंभ के विशेष स्नान की मान्यता है। इसी तरह 14 अप्रैल मेष संक्रांति पर शाही स्नान होगा। मेष संक्राति पर होने वाले इस स्नान का विशेष महत्व है। 14 अप्रैल को होने वाले इस तीसरे शाही स्नान पर श्रद्धालु उमड़ पड़ते हैं। इस दिन देश-दुनिया से आए साधु-संत गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

अमृत योग का दिन माना जाता है ये स्नान

21 अप्रैल 2021 को रामनवमी के मौके पर महाकुंभ का बड़ा स्नान होगा। इस दिन भी लाखों श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाएंगे। रामनवमी के दिन नदियों का जल ग्रहों की चाल के मुताबिक बेहद पवित्र हो जाता है। वहीं, 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा पर महाकुंभ का अंतिम शाही स्नान है। 27 अप्रैल 2021 को हरिद्वार महाकुंभ का अंतिम शाही स्नान होगा। इस दिन पड़ने वाली चैत्र पूर्णिमा के मौके पर करोड़ों श्रद्धालु मां गंगा में डुबकी लगाएंगे। इस दिन को अमृत योग का दिन माना जाता है।

कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट लाना होगा अनिवार्य

इस बीच, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड-19 की रिपोर्ट, जिसमें उनके संक्रमित ना होने की पुष्टि हो या टीकाकरण रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रदेश के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने इस संबंध में कहा कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि हरिद्वार कुंभ में आने के लिए 72 घंटे पहले की कोविड-19 की आरटी-पीसीआर की नकारात्मक जांच रिपोर्ट या टीकाकरण रिपोर्ट लाना जरूरी होगा।